बांग्लादेश में शुक्रवार को दो बड़ी हिंसक वारदातें सामने आईं। उग्र कट्टरपंथियों ने सूफी संत नूरा पगला की मजार से शव निकालकर आग के हवाले कर दिया। वहीं, राजधानी ढाका में जातीय…
शुक्रवार को बांग्लादेश दो भयावह घटनाओं से दहल उठा। पहली वारदात में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने एक सूफी संत की मजार को अपवित्र कर उनके शव को आग के हवाले कर दिया। दूसरी ओर, जातीय पार्टी के दफ्तर में भीषण आगजनी की गई। इन घटनाओं ने पूरे देश में दहशत और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। गौरतलब है कि पिछले साल हुए तख्तापलट के बाद से बांग्लादेश में लगातार हिंसा बढ़ रही है, जहां खासकर मुस्लिम कट्टरपंथी अल्पसंख्यक समुदायों को अपना निशाना बना रहे हैं।
पश्चिमी राजबारी जिले में जुमे की नमाज़ के बाद हालात अचानक बिगड़ गए। कुछ मुस्लिम कट्टरपंथियों ने सूफी दरवेश नूरा पगला की कब्र पर हमला कर दिया। नूरा पगला का निधन करीब दो हफ्ते पहले हुआ था। हमलावरों ने उनकी कब्र खोदकर शव को बाहर निकाला और आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं, उनकी दरगाह को भी तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया गया। इस घटना के बाद नूरा पगला के समर्थकों और हमलावरों के बीच हिंसक झड़प छिड़ गई, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हो गए।
