
भोपाल। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने सोमवार को भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 2023 चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में विचाराधीन है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में शर्मा ने बताया कि एसएलपी (सिविल) डायरी क्रमांक 45048/2025 की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने 23 मार्च 2026 को मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किए हैं। इस दौरान सज्जन सिंह वर्मा और मुकेश नायक सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
शर्मा, जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े थे, ने बताया कि 17 नवंबर 2023 को मतदान हुआ और 3 दिसंबर को मतगणना के बाद भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को विजयी घोषित किया गया।
उन्होंने बैलेट पेपर और ईवीएम मतगणना में बड़े अंतर का आरोप लगाते हुए कहा कि बैलेट पेपर में उन्हें लगभग 25 प्रतिशत अधिक मत मिले, जबकि ईवीएम के परिणाम इसके विपरीत रहे। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन मशीनों में बैटरी स्तर अधिक था, उनमें भाजपा को बढ़त मिली।
शर्मा ने स्ट्रॉन्ग रूम की सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए ईवीएम से छेड़छाड़ के संकेत होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि बैटरी संबंधी जानकारी को निर्माता कंपनी ने गोपनीय बताया।
उन्होंने इसे चुनावी पारदर्शिता के लिए खतरा बताते हुए विश्वास जताया कि सुप्रीम कोर्ट लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेगा।
