
भोपाल। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जमीनी नेतृत्व और लोकतांत्रिक भागीदारी के महत्व पर जोर दिया।
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधायकों की भागीदारी वाले इस सम्मेलन में लोकतांत्रिक मूल्यों, विधानसभा की कार्यप्रणाली और प्रभावी जनसेवा पर चर्चा की गई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मुख्यमंत्री मोहन यादव और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में सिंघार ने कहा कि नेतृत्व किसी पद से नहीं आता, बल्कि इसकी शुरुआत कॉलेज के समय से होती है। उन्होंने छात्र संघ चुनावों के बंद होने पर चिंता जताते हुए कहा कि ये चुनाव युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उन्हें व्यवस्था के प्रति जागरूक बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम थे।
युवा विधायकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नई सोच और बदलाव की इच्छा लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों के जिम्मेदार उपयोग पर भी बल दिया।
सिंघार ने कहा कि चुनाव जीतना मात्र कौशल नहीं, बल्कि जनता से जुड़ाव ही असली ताकत है। जनता यह देखती है कि उनके प्रतिनिधि विधानसभा में उनके क्षेत्र की समस्याएं उठाते हैं या नहीं।
उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच संतुलन बनाते हुए अधिकतम लोगों को लाभ पहुंचाने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही, विधानसभा की नियमित बैठकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था ही जनता की आवाज को सशक्त बनाती है।
