नयी दिल्ली, 30 मार्च (वार्ता) सरकार ने कहा है कि वह कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और इसके काम के अनुसार लक्षित कर युवा ऑन का कौशल विकास किया जा रहा है।
शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में सोमवार को एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि लघु और मध्यम उद्यम (एसएमएसई) के साथ मिलकर कौशल विकास के लिए सरकार मिलकर काम कर रही है और पीएम सेतु में एसएमएसई को लक्ष्य कर युवाओं का कौशल विकास किया जा रहा है। उनका कहना था कि लक्ष्य यह है कि कौशल विकास की लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार कौशल विकास केंद्रों को विशेषरूप से लक्षित कर रही है और कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है। इसमे युवाओं के कौशल विकास के लिए जो भी जरूरी होगा सरकार वह कदम उठाएगी। उनका कहना था कि सरकार ऐसी योजना बना रही है जिसमें उद्योगों के अनुसार कौशल को लक्षित कर युवाओं का कौशल विकास किया जाए और इस दिशा में लगातार काम चल रहा है।
इससे पहले सहकारिता राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने इंटर्नशिप को लेकर कहा कि पहले केवल 10वीं 12वीं और ग्रेजुएट और आईटीआई वाले युवा इसमें सहभ्कर सकते थे तीसरी स्कीम में हमने इसमें पोस्ट ग्रेजुएट को भी शामिल किया है। इसके साथ-साथ जो युवा ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में है या स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष में है वे भी इसमें आवेदन कर पाएंगे ऐसे नियम बनाये गए हैं। इसमें शर्त यह है कि उनके परिवार की आय 8 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए थी इसमें सुधार किया गया गया है और अब आय 12 लाख रुपए है।
