
रतलाम। राज्य शासन द्वारा नगर परिषदों के लिए जारी एल्डरमैन सूची में रतलाम जिले से चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आई हैं। सूची के परीक्षण में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां एल्डरमैन के नाम, उनके पिता के नाम और सरनेम आपस में मेल नहीं खा रहे हैं, जिससे सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पिपलोदा नगर परिषद से जुड़े एक नाम को लेकर यह भी जानकारी सामने आई है कि संबंधित व्यक्ति स्थानीय निवासी न होकर अन्य क्षेत्र (सैलाना) से जुड़ा बताया जा रहा है। इस कारण स्थानीय प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
अब यह चर्चा तेज हो गई है कि ये त्रुटियां किस स्तर पर हुई हैं—स्थानीय निकाय, जिला प्रशासन या शासन स्तर पर। लगातार सामने आ रही इन गड़बडिय़ों ने पूरी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। एल्डरमैन सूची का लंबे समय से इंतजार कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।
उनका कहना है कि इस तरह की त्रुटियां न केवल प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाती हैं, बल्कि योग्य दावेदारों के साथ अन्याय भी है। कार्यकर्ताओं ने सूची में सुधार कर संशोधित सूची जारी करने की मांग की है।
सूची में विसंगतियां सामने आई हैं। सूची के परीक्षण में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां एल्डरमैन के नाम, उनके पिता के नाम और सरनेम आपस में मेल नहीं खा रहे हैं, जिससे सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस तरह सामने आई गड़बडिय़ां
पिपलोदा नगर परिषद में नाथूलाल राठौर के पिता का नाम दौलतराम बास दर्ज
वर्दीचंद पाटीदार के पिता का नाम गुलाबचंद जायसवाल लिखा गया
रवि शर्मा के पिता का नाम बसंतीलाल मोगरा दर्शाया गया
आलोट में राजेश परिहार के पिता का नाम श्रीनिवास गुप्ता बताया गया
मोहन वाघेला के पिता का नाम शिवनारायण सोलंकी दर्ज
कीर्ति जायसवाल के पिता का नाम यशवंत सोनी लिखा गया
संदीप राय के पिता का नाम राधेश्याम माहेश्वरी दर्ज
माणक डिंडोर के पिता का नाम बालमुकुंद पाटीदार बताया गया
