
नई दिल्ली, 05 नवम्बर 2025: देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज कंपनी, जेरोधा (Zerodha), उस समय विवादों में घिर गई जब मुंबई के मशहूर डॉक्टर और निवेशक डॉ. अनिरुद्ध मालपानी ने सोशल मीडिया पर अपने डीमैट अकाउंट का एक स्क्रीनशॉट साझा किया। उनके खाते में ₹42.9 करोड़ रुपये थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इसमें से ₹5 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की, तो कंपनी ने उन्हें रोक दिया। गुस्से में डॉ. मालपानी ने इसे “जेरोधा का स्कैम” करार दिया और आरोप लगाया कि कंपनी उनके पैसे का मुफ्त में इस्तेमाल कर रही है।
डॉक्टर मालपानी का पोस्ट वायरल होते ही, जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत को तुरंत इस पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. मालपानी का पेमेंट प्रोसेस कर दिया गया है। इसके साथ ही, उन्होंने ₹5 करोड़ रुपये की दैनिक निकासी सीमा का कारण भी समझाया। कामत ने कहा कि यह सीमा कोई घोटाला नहीं, बल्कि एक सुरक्षा उपाय है। उन्होंने बताया कि किसी भी गलत लेन-देन या धोखाधड़ी की स्थिति से निपटने के लिए यह सीमा तय की गई है।
निखिल कामत ने जोर देकर कहा कि हर वित्तीय संस्था को सिस्टम की स्थिरता और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कुछ सीमाएं रखनी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि एक बार पैसा गलत खाते में चला जाए, तो उसे वापस पाना लगभग असंभव होता है, इसलिए ऐसे सुरक्षा नियम जरूरी हैं। डॉ. अनिरुद्ध मालपानी एक जाने-माने आईवीएफ स्पेशलिस्ट और अनुभवी एंजेल इन्वेस्टर हैं, जिन्होंने 30 से अधिक स्टार्टअप्स में निवेश किया है।
