
बड़वानी। यदि आप जिले में जमीन, मकान या दुकान खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके पास केवल 31 मार्च तक का समय है। आगामी 1 अपै्रल 2026 से जमीनों के सरकारी दाम (गाइडलाइन) बढऩे वाले हैं। कलेक्टर जयति सिंह की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई दरों का खाका तैयार किया गया। बैठक में जिले के शहरी व ग्रामीण अंचलों की 2269 लोकेशनों की समीक्षा की गई। प्रशासनिक सुगमता के लिए अनुपयोगी लोकेशनों को मर्ज कर अब कुल संख्या 2219 कर दी गई है। इनमें से 1491 प्रमुख लोकेशनों पर जमीन की कीमतों में 5 से लेकर 20 प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। ये वृद्धि मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में की जा रही है, जहां वर्तमान में सरकारी रेट से कहीं अधिक मूल्य पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं और जहां भविष्य में विकास की अपार संभावनाएं हैं। जिला पंजीयक प्रवीण मेहता ने बताया कि नई संपदा 2.0 प्रणाली के आधार पर इस बार सूक्ष्म मूल्यांकन किया है। नए विकसित क्षेत्रों और डायवर्शन के कारण दरों में आ रही भिन्नता को दूर करने के लिए छोटे-छोटे क्षेत्रों (पालीगान) को मिलाकर बड़ा क्षेत्र बनाया गया है, जिससे कर चोरी (स्टांप ड्यूटी की बचत) पर रोक लगेगी। प्रस्ताव के अनुसार करीब 292 भूखंड और 423 कृषि भूमि लोकेशनों पर 10 प्रतिशत तक, जबकि 860 भूखंड और 455 कृषि भूमि लोकेशनों पर 11 से 20 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि प्रस्तावित है। वहीं 21 मार्च तक सुझाव मांगे गए थे।
कहां, कितनी होगी नई दर (प्रस्तावित आंकड़े)
उप पंजीयक अधिकारी ओमप्रकाश पाटीदार से मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय की कुछ प्रमुख लोकेशनों पर प्रस्तावित नई दरें इस प्रकार हैं –
नवलपुरा से फिल्टर प्लांट – भूखंड 7500 रुपए वर्ग मीटर, कृषि भूमि 80 लाख/हेक्टेयर।
अर्जुन कारज भवन से आशा ग्राम रोड़ -भूखंड 8000/वर्ग मीटर, कृषि भूमि 92 लाख/हेक्टेयर।
न्यू हाउसिंग बोर्ड से बडग़ांव – भूखंड 9500/वर्ग मीटर (कृषि भूमि)।
सिलावद रोड़ (हनुमान टेकरी से सजवानी) – भूखंड 4000/वर्ग मीटर, कृषि भूमि 80 लाख/हेक्टेयर।
अंजड़ मुख्य मार्ग (वार्ड 1) – यहां सबसे अधिक 21000/वर्ग मीटर का प्रस्ताव दिया गया है।
बंधान रोड़ – भूखंड 1080/वर्ग मीटर एवं कृषि भूमि 3.60 लाख/हेक्टेयर।
इसके अलावा जिले के अन्य प्रमुख मार्गों और विकसित क्षेत्रों में भी दर वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम
जिला मूल्यांकन समिति ने दर वृद्धि के लिए निम्नलिखित ठोस कारणों को आधार बनाया है।
बाजार मूल्य का दबाव – जिन क्षेत्रों में गाइडलाइन से काफी ऊंचे दामों पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं।
विकास की रफ्तार – हाईवे, रिंग रोड और विभिन्न विकास परियोजनाओं के कारण बढ़ी कीमतें।
त्रुटियों का सुधार -पुरानी गाइडलाइन में मौजूद लिपिकीय गलतियों को ठीक करना।
मर्जर प्रक्रिया – 50 ऐसी लोकेशनों को मूल लोकेशन में मिला दिया गया है जो अब स्वतंत्र रूप से उपयोगी नहीं थी।
समय का अंतराल – पिछले कुछ वर्षों से कई क्षेत्रों की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
