शाहगढ़: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सागर-कानपुर फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य तेजी से जारी है, लेकिन इस विकास कार्य के बीच किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं.
सरकार द्वारा किसानों की जमीन अधिग्रहित कर मुआवजा राशि तो दे दी गई, लेकिन उनके हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई. ग्राम नेगुआ से लेकर अगरा तक फोरलेन के दोनों ओर किसी भी प्रकार की कनेक्टिविटी नहीं दी गई है. इस कारण लगभग 600 एकड़ कृषि योग्य भूमि से जुड़े किसान अपनी फसल खेतों से बाहर लाने में भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं. खेतों तक पहुंच के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता न होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है.
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार तहसीलदार शाहगढ़, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और राहुल सिंह सहित छतरपुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यालय तक शिकायतें दर्ज कराई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है. समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया. यह समस्या विशेष रूप से लुडयारा, बोड़नगंज, अगरा, नेगुआ और कलरा सहित चार गांवों के किसानों को प्रभावित कर रही है. किसानों का कहना है कि फोरलेन के दोनों ओर सर्विस रोड बनाई जाए, ताकि वे सुरक्षित तरीके से अपने खेतों तक पहुंच सकें और फसल को बाहर ला सकें.
इसके अलावा सड़क पर चढ़ने-उतरने के लिए भी उचित व्यवस्था की मांग की जा रही है. ग्रामीणों ने बताया कि खेतों के चारों ओर पहले से ही नाले और नदी जैसी प्राकृतिक बाधाएं मौजूद हैं. दूसरी ओर फोरलेन निर्माण के दौरान सड़क के किनारों पर गहरी खाइयां खोद दी गई हैं, जिससे ट्रैक्टर और हार्वेस्टर जैसे कृषि यंत्रों का आना-जाना लगभग असंभव हो गया है. किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सर्विस लाइन या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विकास कार्यों के साथ-साथ किसानों के हितों का भी ध्यान रखा जाए
