इंदौर: शुक्रवार को शहर में रामनवमी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया. दोपहर 12 बजे मंदिरों में विशेष आरती गई और भगवान का नयनाभिराम श्रृंगार किया गया. आरती के बाद हर ओर भय प्रकट कृपाला दीनदयाला के जयकारे गूंजे. शहर में हर कोई राम की भक्ति में रमा हुआ दिखा. कई स्थानों पर भंडारे के आयोजन भी किए गए.राम नवमी के उपलक्ष्य में मनोरमागंज स्थित गीता भवन स्थित राम दरबार मंदिर पर शुक्रवार को दिनभर भक्तों का सैलाब बना रहा।
सुबह से राम दरबार को 11 किस्म के फूलों, पत्तियों, रेशमी वस्त्रों एवं विद्युत की रंग-बिरंगी छटा से श्रृंगारित किया गया था. दोपहर 12 बजे महाआरती में शामिल हुए हजारों भक्तों का उत्साह देखने लायक था. बच्चे, युवा, महिलाएं और वृद्धजन भी महाआरती में शामिल हुए. गीता भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष राम ऐरन, मंत्री रामविलास राठी एवं मनोहर बाहेती ने बताया कि महाआरती के पूर्व विद्वान आचार्यों ने राष्ट्र को स्वस्थ, समृद्ध एवं निरोगी रखने की प्रार्थना के साथ यज्ञ-हवन और अभिषेक कराए. महानवमी के उपलक्ष्य में गीता भवन के सभी देवालयों का मनोहारी श्रृंगार निहारने के लिए भक्तों का तांता दिनभर लगा रहा. जन्मोत्सव की आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शाम को राम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में राम दरबार में 56 भोग दर्शन एवं आरती का आयोजन भी किया गया.
इस्कॉन मंदिर में 356 प्रकार के विशेष भोग समर्पित
निपान्या स्थित अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) मंदिर पर रामनवमी का महामहोत्सव श्रद्धा भक्ति और उत्साह के साथ इस्कॉन इंदौर के अध्यक्ष स्वामी महामनदास के सानिध्य में धूमधाम से मनाया गया. इस मौके पर प्रभु श्रीराम के प्राकट्य दिवस पर समूचे मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों एवं मनोहारी सजावट से श्रंगारित किया गया था। भगवान को 356 प्रकार के विशेष भोग समर्पित किए गए. इसके साथ ही 108 पवित्र तीर्थ स्थलों के जल से भगवान का अभिषेक भी किया गया जिसके दर्शनार्थ मंदिर पर दो हजार से अधिक श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर स्वामी महामनदास के साथ गिरधरगोपाल दास, डॉ. लक्ष्मणदास, समर्पित गौरदास, अच्युत गोपालदास, भक्त वत्सलदास, केशव भक्तदास, चंद्रभानुदास, माधव चरणदास, प्रिय व्रतदास, लाडली लालदास सहित अनेक श्रद्धालुओं ने विक्रम सेवा, कीर्तन और भक्ति में भागीदारी दर्ज कराई. महोत्सव में भजन संकीर्तन, हरिनाम संकीर्तन एवं प्रसाद वितरण का विशेष आयोजन भी किया गया
