बिजली विभाग की लापरवाही पड़ी भारी, आगजनी में कई किसानों की 15 एकड़ फसल राख

सीहोर। जिले में इन दिनों खेतों में खड़ी पकी फसलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. गर्मी के मौसम और लापरवाही के चलते हो रही इन घटनाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. शुक्रवार को जिले के अलग-अलग गांवों में आगजनी की कई घटनाएं सामने आईं, जिनमें अनेक किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही पलों में राख हो गई.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह ग्राम रामाखेड़ी में अचानक लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया. इस भीषण आगजनी में करीब आधा दर्जन किसानों—कुबेरसिंह मेवाड़ा, दिलीप सिंह, गोपाल सिंह, धर्मेंद्र, अरविंद मेवाड़ा और बाबूलाल की लगभग 15 एकड़ में खड़ी पकी फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई. ग्रामीणों ने बाल्टियों, पाइप और अन्य साधनों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती गई और कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया. गनीमत रही कि गांव के किसान ट्रैक्टर ले आए और बक्खर जोतकर खेत में गहरी नाली बनाते हुए आग को आगे बढऩे से रोका, अन्यथा कई एकड़ की फसल भी स्वाह हो जाती.

इसी तरह ग्राम थूना खुर्द में भी आगजनी की एक बड़ी घटना सामने आई. यहां किसान संतोष यादव के खेत में बिजली के झूलते तारों से हुई स्पार्किंग के कारण आग लग गई. आग ने इतनी तेजी से फैलकर पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लिया कि किसान संभल भी नहीं पाए. इस हादसे में खेत में बना एक कच्चा मकान भी जलकर खाक हो गया. इस घटना से हजारों रुपए की फसल और संपत्ति का नुकसान हुआ है.

इसी तरह ग्राम मुंगावली में भी खेतों में आग लगने की सूचना मिली. हालांकि यहां किसानों ने समय रहते सूझबूझ का परिचय देते हुए दवा छिड़कने वाले पंप और पानी की मोटरों की मदद से आग पर काबू पा लिया. ग्रामीणों की तत्परता के चलते यहां बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन कुछ हिस्सों में फसल को नुकसान जरूर पहुंचा है. गौरतलब है कि इन दिनों रबी सीजन की फसलों की कटाई का काम जोरशोर से चल रहा है. ऐसे में आगजनी की बढ़ रही घटनाओं ने किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित कर दिया है.

बिजली विभाग की अनदेखी से बढ़ रहे हादसे

बताया जा रहा है कि इन आगजनी की घटनाओं के पीछे मुख्य कारण बिजली के झूलते और जर्जर तार हैं, जिनसे बार-बार स्पार्किंग हो रही है. इसके अलावा खेतों में सूखी फसल और तेज हवाएं आग को तेजी से फैलाने में सहायक बन रही हैं. किसानों का कहना है कि कई बार बिजली विभाग को इन तारों को सुधारने के लिए शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं से किसानों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ रहे हैं. किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जर्जर बिजली लाइनों को तुरंत दुरुस्त किया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में और भी बड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है.

एक कक्ष में 4 अतिथि शिक्षक 20 छात्रों को पढ़ा रहे थे

शुक्रवार को शहरी क्षेत्र में भी आगजनी की घटनाएं देखने को मिलीं. शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पीछे स्थित खेतों और खाली मैदान में सूखी झाडिय़ों में आग लग गई, जिसने आसपास की खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया. स्थानीय रहवासियों ने दमकलकर्मियों के साथ मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया और किसी बड़ी घटना को होने से रोक लिया.इस दौरान कालोनीवासी दहशत में नजर आ रहे थे.

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