जबलपुर: सुनियोजित तरीके से कूटरचित फर्जी कॉलोनी का लेआउट तैयार करते हुए विक्रेता की जमीन पर दस्तावेजों की कूटरचना कर रोड, गार्डन, बनाने के आरोपी बिल्डर पर आदर्श अग्रवाल व सचिन उपाध्याय पर गोराबाजार पुलिस ने जिला अदालत के निर्देश पर शनिवार को धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है।
जानकारी के मुताबिक पुरुषोत्तम उपाध्याय पिता स्व नारायण उपाध्याय 56 वर्ष निवासी पुरानी बस्ती, कजरवारा, ने परिवाद दायर किया था।
जिसमें आरोप लगाये गए थे कि मेसर्स चैतन्य प्रमोटर्स एण्ड डेवलपर्स के पार्टनर आदर्श अग्रवाल, सचिन उपध्याय को खसरा नंबर 406/1 रकबा 1.161 हैक्टेयर भूमि में से एक हैक्टेयर याने 2.5 एकड़ भूमि विक्रय कर दी थी। शेष भूमि 4 डिसमिल रकबा 17323 वर्गफुट पर परिवादी का स्वामित्व व कब्जा था। विक्रय पत्र में यह शर्त लिखी गई कि शेष बची 40 डिसमिल भूमि में आने जाने के लिये अपनी भूमि में से रास्ता उपलब्ध करायेगे।
चैतन्य प्रमोटर एण्ड डेवलपर्स द्वारा पार्टनर आदर्श अग्रवाल एवं सचिन उपाध्याय ने लेआउट वर्ष 2011 में संयुक्त संचालक नगर एवं ग्राम निवेश जबलपुर के कार्यालय में प्रस्तुत किया और स्टेन्डर्ड स्केल नाप साईज से प्लाटिंग और रोड आदि दर्शाये गये और बेईमानी पूर्ण परिवादी की शेष बची 40 डिससमिल भूमि से कम नाप साईज से दर्शाया गया और परिवादी की भूमि को गार्डन मद एवं रोड के रूप में छल से बेईमानी पूर्वक उपयोग किया।
परिवादी के स्वामित्व की भूमि का भाग 5816.83 वर्गफुट लेआउट में गार्डन मद में दर्शाकर गलत लेआउट पास करवाया गया। उक्त भूमि पर आने-जाने के रास्ते को भी कालोनी के लेआउट से पृथक दर्शाना था जो नहीं दर्शाया गया। इस तरह से आदर्श अग्रवाल एवं सचिन उपाध्याय द्वारा एक साथ एक राय होकर सुनियोजित तरीके से कूटरचित फर्जी कालोनी का लेआउट तैयार किया गया। मामले की सुनवाई के बाद जिला अदालत ने दोनों बिल्डर्स के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जाने आदेश पारित किया था जिस पर गोराबाजार पुलिस ने शनिवार को आदर्श अग्रवाल पिता दीपक अग्रवाल एवं सचिन उपाध्याय पिता सुरेश उपाध्याय के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।