
उज्जैन। खाकचौक विष्णु सागर से गुरुवार शाम लापता हुई ढाई साल की बालिका का शव शुक्रवार सुबह विष्णु सागर के ही तालाब से शव बरामद किया गया है। लापता होने के बाद एसडीआरएस की टीम में सर्चिंग की थी। लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया था सुबह गोताखोर ने 10 मिनट में बालिका को बाहर निकाल लिया।
राजीव रत्न मल्टी में रहने वाला कौर परिवार गुरुवार को विष्णु सागर पहुंचा था जहां घूमने और पिकनिक का आयोजन रखा गया था। शाम 4 के लगभग परिवार की ढाई वर्षीय मासूम बालिका रवनीत पिता मनमीतसिंह कौर अचानक लापता हो गई थी। बालिका के लापता होने पर हडक़ंप मच गया था। जीवाजीगंज थाना पुलिस विष्णु सागर पहुंची थी। बालिका की तलाश शुरू की गई परिवार ने आशंका जताई कि कोई उठाकर ले गया है, बालिका के पैरों में चांदी के कड़े भी थे। ढाई साल की बालिका को तलाशने के लिए आसपास के थानों की पुलिस के साथ ही डीआईजी नवनीत भसीन, एसपी प्रदीप शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सीएसपी, थाना प्रभारी मैदान में आ गए थे। रात भर बालिका का कुछ पता नहीं चला, शुक्रवार सुबह 7.30 बजे के लगभग हेलावाड़ी क्षेत्र में रहने वाला गोताखोर इरफान उर्फ जुम्मा अपने दोस्त के साथ विष्णु सागर पहुंचा और तालाब में तलाश शुरू की 10 से 15 मिनट बाद इरफान ने बालिका का शव तालाब से ही बाहर निकाल लिया। बालिका का शव मिलने की खबर मिलते ही परिवार में विष्णु सागर पहुंच गया था। थाना प्रभारी जीवाजीगंज ने बताया कि बालिका के लापता होने पर अज्ञात के खिलाफ का मामला दर्ज किया गया था। शव मिलने पर मर्ग कायम कर बॉडी पोस्टमार्टम के लिए भेजी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच शुरू की जाएगी। संभावना है कि बालिका खेलते समय तालाब में गिरी होगी।
महिला पुलिसकर्मी का तलाशा था शव
6 माह पहले शिप्रा नदी के बड़े पुल से उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा की कार गिर गई थी। पुलिस प्रशासन के साथ होमगार्ड की टीम और शहर के गोताखोरी ने तलाश शुरू की थी, थाना प्रभारी अशोक शर्मा और उपनिरीक्षक मदनलाल का शव 2 दिन की तलाश में निकाल लिया गया था। लेकिन महिला आरक्षक आरती पाल का शव नहीं मिला था। उस वक्त भी इमरान उर्फ जुम्मा शिप्रा नदी पहुंचा था और उसने कुछ देर की तलाश के बाद तीसरे दिन महिला पुलिसकर्मी का शव खोज निकाला था।
