
रतलाम। जिले की जावरा ब्लॉक के ग्राम गोठड़ा स्थित मलेनी नदी कि नारे विराजित महिषासुर मर्दिनी माता मंदिर पर चैत्र नवरात्रि नवमी पर हुई पारंपरिक भविष्यवाणी में इस वर्ष कई उतार-चढ़ाव के संकेत सामने आए हैं। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने पूरे वर्ष के हालात को लेकर दिशा-निर्देश प्राप्त किए। भविष्यवाणी के अनुसार इस वर्ष मौसम अस्थिर रहेगा। तेज गर्मी, आगजनी और आंधी-तूफान की घटनाएं बढ़ सकती हैं। बारिश का क्रम भी अनियमित रहेगा—कहीं अधिक तो कहीं बहुत कम वर्षा होगी, जिससे फसलों पर असर पड़ सकता है।
किसानों को इस बार बुवाई में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। एक ही बार में बुवाई करने के बजाय तीन चरणों में बुवाई करना बेहतर रहेगा। बीज अधिक मात्रा में रखने और पारंपरिक तरीके अपनाने की सलाह दी गई है। इससे नुकसान की स्थिति में दोबारा अवसर मिल सकेगा। गेहूं, चना और सोयाबीन की स्थिति सामान्य से अच्छी रह सकती है, लेकिन कुछ इलाकों में नुकसान की आशंका भी जताई गई है। सोयाबीन में कीट प्रकोप बढ़ सकता है। बाजार में लहसुन और सोयाबीन के दाम अच्छे रहने के संकेत हैं, जबकि प्याज सामान्य स्तर पर रह सकता है। ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और तेज हवाओं से नुकसान की आशंका जताई गई है। मावठों की संख्या अधिक रहने से रबी फसलों पर असर पड़ सकता है। किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। मानव और पशुओं दोनों में बीमारी फैलने के संकेत दिए गए हैं। विशेषकर बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। पशुपालकों को अपने पशुओं की देखभाल और टीकाकरण पर ध्यान देने को कहा गया है।
आर्थिक और वैश्विक संकेत
सोना-चांदी में निवेश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं व्यापारियों के लिए लाभ के अवसर बन सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ने के संकेत भी सामने आए हैं, जिसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
