
सीधी । जिले भर में आज चैत्र रामनवमी पूरी आस्था के साथ मनाई गई। भोर से ही देवी एवं राम मंदिरों में पूजा अर्चना करनें के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दोपहर 12 बजते ही राम जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। राम जन्मोत्सव के दौरान भये प्रगट कृपाला, दीन दयाला से भजन गूंजने लगे। मंदिरों में आयोजित राम जन्मोत्सव कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जमा रही।
स्थानीय राम जानकी मंदिर में राम जन्मोत्सव का कार्यक्रम काफी भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस दौरान पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण भी किया गया। इसी तरह गोपालदास मणिकूट आश्रम में भी राम जन्मोत्सव का आयोजन आध्यात्मिक रामायण मंदिर में किया गया। यहां भी काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जिले के विभिन्न मंदिरों में भी राम जन्मोत्सव का कार्यक्रम धूमधाम के साथ अयोजित किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं की भारी सहभागिता देखने को मिली।
कुछ श्रद्धालुओं द्वारा अपने घरों में ही राम जन्मोत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया। राम जन्मोत्सव के आयोजन के दौरान भजन कीर्तन का कार्यक्रम भी देर तक चलता रहा। आज जिले भर में श्रद्धालुओं द्वारा अयोध्या के भव्य मंदिर में विराजे भगवान रामलला का जन्मोत्सव एवं सूर्य तिलक कार्यक्रम का सीधा प्रसारण टीवी के माध्यम से देखा गया। लोगों ने पूरी आस्था के साथ सूर्य तिलक कार्यक्रम को देखा।
भगवान श्रीराम की निकली भव्य शोभा यात्रा
शहर के स्थानीय पूजा पार्क से शाम को भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में विभिन्न हिन्दू संगठनों की सहभागिता रही। शोभायात्रा के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भगवान श्री राम की शोभायात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। कई स्थानों में शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए नास्ता एवं ठंडे पेय जल की व्यवस्था भी बनाई गई थी। शोभायात्रा के दौरान काफी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। बाजार क्षेत्र में व्यवसायियों द्वारा भगवान श्रीराम की शोभायात्रा के पहुंचने पर आरती की गई। शोभायात्रा में शामिल लोगो में काफी उत्साह देखा गया। जिनके द्वारा अंतिम तक अपनी मौजूदगी बनाए रखी गइ्र्र। शहर के विभिन्न मार्गों से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा भ्रमण करते हुए वापस पूजा पार्क पहुंची। जहां समापन किया गया।
देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन नवमी पर आज देवी मंदिरों में भी पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भोर से ही उमडऩा शुरू हो गई थी। प्रसिद्ध देवी मंदिरों में नवमी के अवसर पर जवारा भी लेकर भक्तों की टोली पहुंची और मां दुर्गे को पूरी आस्था के साथ समर्पित किया। प्रसिद्ध देवी मंदिरों में कुछ श्रद्धालु अपनी मुरादें पूरी होने पर बकरा को भी लाकर समर्पित किया। देवी मंदिरों में सुबह से कन्या भोज के आयोजन की धूम भी रही। भोज में शामिल कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानते हुए भक्तों ने पूरी आस्था के साथ उनकी पूजा-अर्चना करते हुए चुनरी पहनाकर भोज कराया। देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन आज हवन के आयोजन भी देवी मंदिरों में किए गए। जिसमें शामिल होकर श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन करते हुए नवरात्र के पूजा-अर्चना की पूर्णाहुति की। जिले के प्रसिद्ध घोघरा देवी, बटौली देवी, अष्टभुजी देवी गोतरा, लौआ देवी, झदबा देवी, फूलमती देवी अमहा समेत अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शाम तक लगी रही। भक्तों की काफी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा को लेकर भारी इंतजाम किए गए थे। देवी मंदिरों में पहुंचने वाले भक्तों में महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा होने के कारण पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस बल को भी तैनात किया गया था। जिससे भक्तों को पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक करनें में दिक्कतों का सामना न करना पड़े। चैत्र नवरात्र में 9 दिनों तक मां दुर्गा की भक्ति में लीन श्रद्धालुओं ने आज रामनवमी पर अपनी पूरी आस्था प्रदर्शित की। नवरात्रि में जिन श्रद्धालुओं ने व्रत रखा था उनमें रामनवमी को लेकर ज्यादा उत्साह एवं धार्मिक भाव नजर आया।
