
जीरन। जिले के महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में से एक, मल्हारगढ़- जीरन मार्ग के दिन अब बहुरने वाले हैं. मल्हारगढ़ से जीरन ,चीताखेड़ा से नीमच तक जाने वाली लगभग 36.65 किलोमीटर लंबी सडक़ को अब टू-लेन में तब्दील किया जा रहा है.नीमच विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार के विशेष प्रयासों के बाद मध्य प्रदेश शासन ने इस परियोजना के लिए 96 करोड़ 59 लाख 75 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है.
पिछली बाधाएं दूर, दूसरी बार की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण
इस सडक़ निर्माण की राह में पूर्व में कुछ तकनीकी अड़चनें आई थीं.पहले बुलाए गए टेंडर में चयनित निर्माण एजेंसी ने बेहद कम दरें डाली थीं, जिसके कारण बाद में उसने काम करने में असमर्थता जताई. इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग ने संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की और टेंडर निरस्त कर दोबारा प्रक्रिया शुरू की. वर्तमान में दूसरी बार की टेंडर प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है और दरों की अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन स्तर पर भेज दिया गया है.
खस्ताहाल सडक़ से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में इस मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है.पूरी सडक़ गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे न केवल वाहनों का रखरखाव खर्च बढ़ गया है, बल्कि आवागमन में भी अत्यधिक समय व्यर्थ होता है और जर्जर सडक़ के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है. टू-लेन मार्ग बनने से दर्जनों गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और हजारों राहगीरों को सुरक्षित व सुगम सफर की सुविधा मिलेगी.
अधिकारियों का आश्वासन:
समय सीमा में होगा कार्य पूर्ण
पीडब्ल्यूडी नीमच की एसडीओ ज्योति राठौर के अनुसार, परियोजना को वित्तीय और तकनीकी स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है. शासन से दर स्वीकृति मिलते ही निर्माण एजेंसी के साथ अनुबंध की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और अगले दो महीनों के भीतर धरातल पर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। वहीं, ईई अमित नगेश ने स्पष्ट किया है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और विभाग की प्राथमिकता इस टू-लेन मार्ग को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने की है. शासन स्तर से मंजूरी मिलते ही मशीनरी और मैनपावर के साथ काम शुरू कर दिया जाएगा.
मुख्य बिंदु एक नज़र में –
कुल दूरी – 36.65 किमी (मल्हारगढ़ से जीरन-चीताखेड़ा से नीमच)
कुल बजट – 96,59,75,000/- रुपये
अनुमानित प्रारंभ – आगामी 2 माह के भीतर
