जबलपुर:जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित कन्या छात्रावास की सैकड़ों छात्राओं ने सोमवार को अधीक्षिका के दुर्व्यवहार, उनके चरित्र पर उंगली उठाने और साफ-सफाई में लापरवाही जैसी गंभीर शिकायतों को लेकर संभागीय उप-आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग और सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, जबलपुर के नाम ज्ञापन सौंपकर अधीक्षिका के खिलाफ कार्यवाही करने मांग की थी। जिसके बाद जांच करने आई टीम ने ही शिकायत को लेकर छात्राओं को धमकी दे डाली, जिसमें टीम में शामिल महिला अधिकारी का कहना था कि दोबारा शिकायत पहुंची तो अगली बार निपटाकर जायेंगे।
किसी न किसी बहाने से बाहर करने की धमकी
सूत्रों ने बताया कि छात्रावास में जांच करने पहुंची टीम ने छात्राओं से कहा कि “अगर मैडम की शिकायत दोबारा की गई तो सभी छात्राओं को इसी सत्र में किसी न किसी बहाने से बाहर कर दिया जाएगा।” जांच टीम की धमकी के बाद टीम का ये बयान छात्राओं के मन में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर गया है।
छात्राओं का डर और भविष्य की चिंता
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वाक्या के बाद छात्रावास की छात्राएं डर के माहौल में रह रही हैं, और उन्हें चिंता है कि अपनी आवाज उठाने पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो सकता है। इस मामले में अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शहर के आदिवासी संगठनों ने इसे छात्राओं की अस्मिता से जोड़कर देखा है। उनका कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला तो पूरे आदिवासी समाज द्वारा तेज आंदोलन किया जाएगा।
सहा.आयुक्त ने भी किया था अभद्र भाषा का उपयोग
गौरतलब है कि सोमवार को जब छात्राएं अपनी कुछ परेशानियों को लेकर जब सहायक आयुक्त आदिम जाति के पास पहुंची थी तो उनकी समस्याओं को सुनने की बजाय सहायक आयुक्त ने उन्हें ही अपशब्द कहने शुरू कर दिए थे, उनका कहना था कि तुम लोग तमाशा करने आती हो। छात्राओं का कहना था कि वे तो अपनी समस्याएं सुनाने गई थीं, उल्टे उन्हें ही प्रताड़ित कर दिया गया था।
