भोपाल में जल संरक्षण का महाअभियान: तालाबों और बावडिय़ों का होगा कायाकल्प

भोपाल:राजधानी में पानी का जल स्तर बढ़ाने के लिए कलेक्टर के निर्देशन में प्रशासन कार्य कर रहा है. इसके लिए जल संरक्षण संवर्धन अभियान भी 19 मार्च से शुरु किया गया है. जो 30 मार्च तक जारी रहेगा. इस अभियान को जारी रखते हुए नागरिकों को शपथ दिलाई जा रही है. अभियान को जन आंदोलन के रूप में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है. अभियान की शुरुआत ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले जल स्रोतों तथा देवालयों के आसपास जल संरक्षण कार्यों से की जा रही है. अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, राजस्व, जल संसाधन, उद्यानिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नर्मदा घाटी विकास, वन, पर्यावरण, कृषि, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, जन अभियान परिषद तथा उद्योग एवं एमएसएमई विभाग सहित अनेक विभाग सहभागिता कर रहे हैं.
जलस्तर बढ़ाने तालाबों और कुओं बावडिय़ों पर कार्य
वैसे तो राजधानी में तालाबों की भरमार है जिससे शहर के जल स्तर को स्थिर बनाये रखने के लिए बड़ी भूमिका रहती है. लेकिन फिर भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों आज भी कुछ तालाब और कुए, बावडिय़ां खुर्दबुर्द हो चुके हैं. जो पुराने समय में जनता के लिए पानी उपयोग के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं. लेकिन अब शहरी हो या ग्रामीण सब जगह नलों से पानी की आपूर्ति नगर निगम और पंचायत के द्वारा की जाती है. लेकिन जलस्तर में गिरावट को रोकने के लिए तालाब और कुए, बावडिय़ों का जीर्णोद्वार के लिए जल संरक्षण संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है.
रेन वाटर हार्वेस्टिंग
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जल संरक्षण संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में तालाबों का गहरीकरण, नदियों और नालों की सफाई, कुओं-बावडिय़ों के जीर्णोद्वार तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर कार्य किया जा रहा है. जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई जा रही है.

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