जबलपुर: बालाजी मंदिर परिसर में शनिवार शाम भक्ति और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। दक्षिण भारतीय भजन सभा और कांची कामकोटि पीठ द्वारा आयोजित 75वें रामनवमी महोत्सव का शुभारंभ पारंपरिक श्रद्धा और सांस्कृतिक रंगों के साथ हुआ। मंदिर परिसर दीपों की रोशनी, फूलों की सजावट और भक्ति संगीत से गुंजायमान रहा।कार्यक्रम की शुरुआत सुभाषिनी अय्यर की मधुर गणेश वंदना से हुई, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद जय कुमार अय्यर और इंदिरा वरदराजन के भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
भक्ति में लीन नजर आए श्रद्धालु
मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे आयोजन के दौरान भक्ति में लीन नजर आए। अंत में सभा के अध्यक्ष पी. रामन ने आभार व्यक्त करते हुए बताया कि 23 मार्च को भव्य रामरथ शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सभी भक्तों से शामिल होने की अपील की गई है।
सीता स्वयंवर की प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरी
भरतनाट्यम की मनोहारी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। समृद्धि और सुजाता गोविंद ने “सीता स्वयंवर” की प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। वहीं देवकृति ने “हनुमान चालीसा” को नृत्य के माध्यम से जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के दौरान राम विवाह और अन्य पौराणिक प्रसंगों का भी दक्षिण भारतीय शैली में प्रभावशाली मंचन किया गया।
