देहरादून 20 मार्च (वार्ता) उत्तराखंड में लम्बित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) का विस्तार शुक्रवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में नवनियुक्त पांच सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे।
वंदे मातरम् और फिर राष्ट्रीय गान के साथ शुरू हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सिंह ने विधायक खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा एवं राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की शपथ दिलाई।
तकरीबन पन्द्रह मिनट तक चले शपथ ग्रहण समारोह में महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, गणेश जोशी एवं सौरभ बहुगुणा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, सांसद महेन्द्र भट्ट और नरेश बंसल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा किया गया।
कैबिनेट के नए सदस्य के रूप में शपथ लेने वालों में मदन कौशिक सबसे अधिक बार एक ही सीट हरिद्वार सदर से चुनाव जीतने वाले विधायक हैं। इतना ही नहीं वह चौथी बार मंत्री पद सुशोभित कर रहे हैं। इससे पहले 2021-22 में वह भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्तमान कैबिनेट में शामिल होने से पहले श्री कौशिक को रमेश पोखरियाल निशंक, भुवन चन्द खंडूरी और त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया जा चुका हैं। त्रिवेंद्र सरकार में वह सरकार के प्रवक्ता भी रहे। उन्होंने हरिद्वार में लगातार पांचवी बार जीत हासिल की हैं।
वर्ष 1980 में छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले श्री कौशिक का जन्म कलियर के इमलीखेड़ा गांव में 11 जनवरी, 1956 को हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई स्थानीय स्कूल से की। इसके बाद गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से अपना स्नातक पूरा किया। घर में उनकी पत्नी के साथ एक बेटा और एक बेटी हैं। उन्होंने विधानसभा का पहला चुनाव नव गठित उत्तराखंड के वर्ष 2002 में हुए पहले सामान्य निर्वाचन में भाजपा के टिकट पर लड़ा और जीत हासिल की। तब से लगातार वह विधायक चुने जा रहे हैं।
कैबिनेट में शामिल खजान दास राजपुर (सुरक्षित) से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। इससे पहले वह 2007 में धनोल्टी क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। 16 जून 1958 को जन्मे श्री दास आठवीं कक्षा उत्तीर्ण हैं। उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, कांग्रेस के राजकुमार को 11,163 वोटों के अंतर से हराया। इससे पहले, उन्होंने 2017 के चुनाव में भी राजकुमार को 8,632 वोटों के अंतर से हराया था। उन्होंने 2007 में भाजपा के सदस्य के रूप में धनौल्टी विधानसभा क्षेत्र से पहली बार जीत हासिल की थी। पहली बार विधायक बनने पर उन्हें तत्कालीन भुवन चन्द खंडूरी के मुख्यमंत्रित्व वाली सरकार में राज्य मंत्री के रूप में प्रतिनिधित्व दिया गया। इसके बाद राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव आया लेकिन संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही।
कैबिनेट में मंत्री बतौर संस्कृत में शपथ लेने वाले तीसरे विधायक भरत सिंह चौधरी रुद्रप्रयाग से दो बार चुने जा चुके हैं। दबंग प्रवृति के श्री चौधरी वर्ष 2017 से लगातार विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। रुद्रप्रयाग राज्य की महत्वपूर्ण विधानसभा है। केदारनाथ धाम इसी जनपद में आता है। यह बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम का केन्द्र बिन्दु भी है। श्री चौधरी ने 2022 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करीब 10 हजार वोटों के अंतर से हराया था। विधानसभा चुनाव के वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनसभा के दौरान उनकी तारीफ भी की थी।
चौथे मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा वर्ष 2022 में निर्दलीय चुनाव जीतकर भाजपा में शामिल हुए। युवा चेहरा होने के नाते कुमाऊं से कैड़ा को मंत्री का दायित्व सौंपा गया है। ओखलकांडा में वर्ष 2025 में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में उनकी पत्नी कमलेश कैड़ा ने बागी होकर निर्दलीय ब्लॉक प्रमुख का नामांकन किया। इसके बाद पार्टी हाईकमान के आदेश पर उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। भीमताल विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना भी कैड़ा को मंत्री बनाने की मुख्य वजह बताई जा रही है।
पांचवें मंत्री के रूप में आज शपथ ग्रहण करने वाले प्रदीप बत्रा रुड़की विधानसभा सीट से तीसरी बार विधायक हैं। उन्होंने 2012, 2017 में कांग्रेस के साथ और 2022 भाजपा के साथ लगातार जीत की हैट्रिक लगाई है। 53 वर्षीय बत्रा एक व्यवसायी हैं, जो अपनी सक्रिय जनसेवा और रुड़की के विकास के लिए जाने जाते हैं। वह पंजाबी बिरादरी से भाजपा शासन में पहले नेता हैं, जो मंत्री बने हैं।
