शिमला, 19 मार्च (वार्ता) हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा ने गुरुवार को राज्य में एलपीजी सिलेंडरों की कमी और व्यावसायिक सिलेंडरों की सीमित उपलब्धता पर में गंभीर चिंता व्यक्त की और इस मुद्दे को अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच चल रहे तनाव से उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितताओं से जोड़ा।
शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए सुश्री राणा ने कहा कि राज्य भर में, विशेष रूप से लाहौल-स्पीति जैसे दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में, एलपीजी आपूर्ति पर स्पष्टता की कमी के कारण लोग भ्रम और चिंता का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कमी की आशंका के बीच परिवार सिलेंडर बुक कराने के लिए दौड़ रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार की ओर से इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है कि यह स्थिति कब तक बनी रहेगी।
उन्होंने ज़ोर दिया कि यह समस्या केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि व्यवसायों को भी प्रभावित कर रही है। कई आतिथ्य इकाइयाँ, विशेष रूप से पर्यटन पर निर्भर क्षेत्रों में, व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की अनुपलब्धता के कारण मुश्किलों का सामना कर रही हैं।
सुश्री राणा ने आगे बताया कि किसान उर्वरकों और ईंधन की आपूर्ति को लेकर चिंतित हैं, जिससे स्थिति जारी रहने पर कृषि गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष पर सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर महसूस किया जा रहा है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार दोनों से जनता की परेशानी कम करने के लिए समय पर निर्णय लेने और उपाय लागू करने का आग्रह किया।
अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने समस्या की गंभीरता को स्वीकार किया और आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार इस पर संज्ञान लेगी और जल्द ही एक बयान जारी करेगी।
