भारत-ब्रिटेन व्यापार समझोता गर्मियों तक अमल में आ जाएगा: ब्रिटेन की संसदीय समिति के अध्यक्ष लियाम बिरने

नयी दिल्ली, 18 मार्च (वार्ता) ब्रिटेन की संसद में जन प्रतिनिधियों के सदन हाउस ऑफ कामन्स की व्यवसाय एवं व्यापार संबंधी प्रवर समिति के अध्यक्ष लियाम डॉमिनिक बिरने ने बुधवार को भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (भारत-ब्रिटेन सीईटीए) के ‘गर्मियों’ के सीजन तक प्रभावी कर दिये जाने की उम्मीद जतायी।

ब्रिटेन के एक आठ सदस्यीय संसदीय दल के साथ भारत की यात्रा पर आये श्री बिरने ने कहा कि इस समझौते को लेकर ब्रिटेन के व्यापार-उद्योग और राजनीतिक क्षेत्र में उम्मीदें काफी ऊंची है। वह राजधानी में संसद की वाणिज्य विभाग से संबंधित स्थायी समिति की के सथा एक बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘ ब्रिटेन में हम इस बात को लेकर प्रतिबद्ध हैं कि दोनों देशोंं की सरकारों ने जो ऐतिहासिक व्यापार समझौता किया है उसे हम जमीनी स्तर पर व्यवहार में उतारे।”

यह पूछे जाने पर कि जुलाई 2025 में हुआ भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता कब तक प्रभावी हो सकेगा, श्री बिरने ने विश्वास जताया कि, ‘ इस बसंत में नहीं तो गर्मियों तक यह अमल में आ जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों की जनता को इस समझौते से बड़ा फायदा होगा। ब्रिटेन में बसंत का सीजन मार्च से मई तक और गर्मी का सीजन जून से अगस्त तक चलता है।

सत्तारूढ लेबर पार्टी के सांसद ने कहा कि भारत के साथ समझौते को लेकर उनके देश में उम्मीदे बहुत ऊंची है। ब्रिटेने के निवेशक भारत के साथ सहयोग को का विस्तार करना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन की संसद की व्यवसाय एवं व्यापार पर प्रवर समिति भारत और ब्रिटेन के व्यापार समझौते पर इस समय विचार कर रही है।

संसद की वाणिज्य विभाग से संबंधित स्थायी समिति की अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस की सदस्य सुश्री डोला सेन ने कहा , ‘ श्री बिरने के साथ आये ब्रिटेन के संसदीय दल के साथ आज बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई। भारत-ब्रिटेन सीईटीए प्रभावी हो कर दोनों देशों के संबंधों में मील का पत्थर साबित होगा। इससे दोनों देशों के बीच भविष्य में आर्थिक-व्यापारिक संबंधों में काफी विस्तार होने की उम्मीद है।”

उन्होंने कहा कि आज की बातचीत में ‘ वाणिज्य संबंधी स्थायी समिति के सदस्यों ने प्रतिस्पर्धा में बराबरी के अवसर मिलने, भारतीय कृषि और श्रमिकों तथा छोटे उद्यमियों के हितों के प्रति संवेदनशीलता रखने तथा देश में लागू नियम कानून के सम्मान पर विशेष बल दिया गया।’

ब्रिटेन के प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में भारत की ओर से श्री प्रवीण खंडेलवाल , श्रीमती रेणुका चौधरी, भागतवत कराड और समिति के कुछ अन्य सदस्य शामिल थे।

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत भारत से ब्रिटेन जाने वाले 99 प्रतिशत माल को वहां के बाजार में शून्य शुल्क पर प्रवेश मिलेगा। इससे कपड़ा, चमड़ा, आभूषण और आईटी क्षेत्र के निर्यात को बढावा मिलने की उम्मीद है। ब्रिटेन में बनी व्हिस्की, वाहनों और चिकित्सकीय उपकरणों को भारत में कम शुल्क पर प्रवेश मिलेगा। दोनों पक्षों का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 120 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंचा है। वर्ष 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 60 अरब डॉलर के स्तर का था।

इस समझौते में एक प्रावधान यह भी है कि भारत से अस्थायी तौर पर काम के लिए ब्रिटेन जाने वाले पेशेवरों को, यदि उनका भारत में भविष्य निधि में अंशदान जा रहा है तो वहां अपने वेतन से तीन तक वहां की भविष्य निधि में वहां योगदान नहीं करना होगा।

यह प्रावधान सेवा क्षेत्र के पेशेवरों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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