जबलपुर:अधारताल थाना क्षेत्र में एक 64 वर्षीय बुजुर्ग को झांसे में लेकर दो शातिर ठगों ने उनके 98,000 पार कर दिए। ठगों ने बड़ी चालाकी से असली नोटों की जगह काले रंग की पन्नी में लिपटी रद्दी कागजों की गड्डी थमा दी।पुलिस के मुताबिक महाराजपुर, पटेलनगर निवासी दत्तराम केवट (64 ) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि लगभग 10-12 साल पहले उन्होंने पल्स कंपनी की एक पॉलिसी ली थी। उस पॉलिसी के करीब 98 हजार रुपये उनके बैंक ऑफ इंडिया सुहागी के खाते में आए थे। मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे दत्तराम यह राशि निकालने बैंक पहुंचे थे। बैंक के भीतर जब वे चेक भरने की कोशिश कर रहे थे, तभी करीब 30-35 साल का एक अज्ञात युवक उनके पास आया। उसने मदद करने के बहाने बुजुर्ग से पासबुक ली और 98,000 निकालने का चेक भरकर दे दिया। दत्तराम ने काउंटर से पैसे निकाले और जेब में रखकर बाहर निकले।
बीड़ी पिलाने के बहाने लूट ली गाढ़ी कमाई-
जैसे ही बुजुर्ग बैंक से बाहर आए, चेक भरने वाला युवक और उसका एक अन्य साथी उम्र करीब 25 वर्ष उनके पास पहुंच गए। उन्होंने दत्तराम के गले में हाथ डालकर अपनापन दिखाया और बीड़ी पीने की इच्छा जताई। बुजुर्ग ने उन्हें बीड़ी दी, जिसके बाद आरोपियों ने उनसे पूछा कि कितने पैसे निकाले हो, हमें दिखाओ। झांसे में आए बुजुर्ग ने जेब से 98,000 निकालकर उन्हें दिखा दिए। इसी बीच आरोपियों ने बड़ी सफाई से असली नोट अपनी जेब में रखे और एक काली पन्नी में लिपटा हुआ बंडल दत्तराम को थमाते हुए कहा, यह लो अपने पैसे संभालकर रखना।
घर जाकर खुला राज, बहू रह गई दंग
दत्तराम ने वह पन्नी जेब में रखी और सीधे घर पहुंचे। उन्होंने अपनी बहू चांदनी केवट को पन्नी देते हुए कहा कि गिरवी रखे जेवर छुड़ाने के लिए पैसे ले आया हूं। जब बहू ने पन्नी खोली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। गड्डी के ऊपर और नीचे तो 500-500 के नोट लगे थे, लेकिन बीच में नोटों के साइज के सफेद लाइनदार कोरे कागज भरे हुए थे। धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीडि़त ने अधारताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस प्रकरण दर्ज कर बैंक और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि ठगों का सुराग लगाया जा सके।
