
तेल अवीव। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी और आंतरिक अर्धसैनिक संगठन बसिज के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को मार गिराया है। हालांकि इस दावे को लेकर ईरान की ओर से अब तक न तो पुष्टि की गई है और न ही खंडन किया गया है।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज़ ने मंगलवार को यह दावा करते हुए कहा कि ईरानी शासन के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और उनकी सैन्य क्षमताओं को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इजरायली सेना पूरी ताकत के साथ ईरान की मिसाइल क्षमता और रणनीतिक सैन्य ढांचे को ध्वस्त करने की कार्रवाई जारी रखे हुए है।
अली लारिजानी ईरान की राजनीति और सुरक्षा ढांचे में लंबे समय से बेहद प्रभावशाली माने जाते रहे हैं। वे पहले ईरान की संसद के स्पीकर भी रह चुके हैं और पश्चिमी देशों के साथ परमाणु वार्ताओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके थे।
लारिजानी को आखिरी बार शुक्रवार को तेहरान में फिलिस्तीन के समर्थन में आयोजित अल-कुद्स दिवस रैली में सार्वजनिक रूप से देखा गया था, जहां वे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ मौजूद थे।
इसी बीच ईरान के सरकारी मीडिया ने लारिजानी की ओर से लिखा गया एक हस्तलिखित नोट प्रकाशित किया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इसे उनके जीवित होने के प्रमाण के रूप में जारी किया गया है या नहीं। इस नोट में उन्होंने उन 84 ईरानी नाविकों को श्रद्धांजलि दी है, जिनकी एक अमेरिकी हमले में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौसैनिक जहाज पर मौत हो गई थी।
यदि इजरायल का दावा सही साबित होता है तो यह इस युद्ध में अब तक की सबसे बड़ी उच्चस्तरीय मौत मानी जाएगी। इससे पहले अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य युद्ध के पहले दिन मारे जाने का दावा किया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लारिजानी की मौत की पुष्टि होती है तो इससे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।
