सीहोर। जिला मुख्यालय के समीप स्थित ग्राम आलमपुरा में सोमवार दोपहर अचानक भड़की भीषण आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी लगभग 40 एकड़ फसल को अपनी चपेट में ले लिया. कुछ ही देर में खेतों में लगी लपटों ने कई किसानों की फसल पूरी तरह जलाकर राख कर दी, जिससे अनेक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा.
बताया जा रहा है कि दोपहर के समय खेतों में अचानक आग भड़क उठी. तेज हवा के कारण आग तेजी से एक खेत से दूसरे खेत में फैलती चली गई. खेतों में खड़ी गेहूं की सूखी फसल होने के कारण आग ने कुछ ही समय में बड़ा क्षेत्र घेर लिया. ग्रामीणों ने जब खेतों से धुआं और लपटें उठती देखीं तो तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए.
आग की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और अपने-अपने स्तर पर आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गए. ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों में बक्खर, रोटावेटर और प्लाऊ लगाकर खेतों में गहरी नालियां और जुताई कर दी, ताकि आग आगे न बढ़ सके. इस प्रयास से आग के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सका. इसके अलावा आसपास के गांवों से पानी के टैंकर भी मौके पर पहुंच गए, जिनकी मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया.
ग्रामीणों की घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक आधा दर्जन से अधिक किसानों की पूरी फसल जलकर खाक हो चुकी थी. कई अन्य किसानों की फसल भी आंशिक रूप से प्रभावित हुई है. किसानों का कहना है कि फसल पूरी तरह तैयार थी और आजकल में कटाई शुरू होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही आग ने उनकी सालभर की मेहनत को राख में बदल दिया. घटना के बाद प्रभावित किसान बेहद मायूस नजर आए. उनका कहना है कि फसल ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन होती है. ऐसे में अचानक लगी आग ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है.
इधर जिले में पिछले कुछ दिनों से खेतों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. कहीं शॉर्ट सर्किट के कारण तो कहीं अज्ञात वजहों से आग लग रही है, जिससे किसानों की तैयार फसलें बर्बाद हो रही हैं. रविवार को भी जिले के मुल्लानी गांव में दिन के समय तथा लसूडिय़ा परिहार में रात के दौरान आग ने जमकर तांडव मचाया था, जिसमें किसानों की बड़ी मात्रा में फसल जलकर नष्ट हो गई थी.
आगजनी की घटनाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. ग्रामीणों का कहना है कि इस समय खेतों में अधिकांश फसलें कटाई के लिए तैयार खड़ी हैं और थोड़ी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है. किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि फायर ब्रिगेड की व्यवस्था को ग्रामीण क्षेत्रों तक मजबूत किया जाए तथा बिजली लाइनों और अन्य संभावित कारणों की जांच कर सावधानियां बरती जाएं, ताकि भविष्य में आगजनी की ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
मायूस किसानों के बीच ढांढस बंधाने पहुंचे राजस्व मंत्री
ग्राम आलमपुरा में हुए भीषण अग्रिकांड की जानकारी मिलने के बाद राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा शाम को आलमपुरा के ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया. इस दौरान उन्होंने खेतों में हुए नुकसान का जायजा लिया और मौके पर मौजूद तहसीलदार एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन किसानों का इस आगजनी में नुकसान हुआ है, उनके नुकसान का शीघ्र सर्वे किया जाए और उन्हें तत्काल क्षतिपूर्ति राशि दी जाए. किसान हमारे अन्नदाता हैं इनकी तकलीफ को तत्काल दूर करें.
