नयी दिल्ली 16 मार्च (वार्ता) पश्चिम एशिया संकट के कारण ईरान के निकट होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारत के 24 जहाजों में से एक एलपीजी टैंकर शिवालिक सोमवार शाम गुजरात में मुंद्रा बंदरगाह पहुंच गया जबकि दूसरे एलपीजी टैंकर नंदादेवी के मंगलवार सुबह कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है।
शिवालिक टैंकर पर करीब 45 हजार टन एलपीजी लदी है और इसके आने से देश में एलपीजी की आपूर्ति और मजबूत होगी।
ये दोनों एलपीजी टैंकर कुछ दिन पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल कर भारत के लिए रवाना हुए थे।
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने अपराह्न एक संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि करीब 45 हजार टन एलपीजी लेकर आ रहा भारतीय टैंकर शिवालिक सुरक्षित रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार करने के बाद शाम को मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने वाला है। उन्होंने कहा कि कार्गो को तेजी से उतारने के लिए दस्तावेज़ी प्रक्रिया और प्राथमिकता के आधार पर जहाज को घाट देने की व्यवस्था पहले से ही पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही होर्मुज़ जलडमरूमध्य से निकलने वाले एक अन्य टैंकर के मंगलवार कांडला पोर्ट पहुँचने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि 611 भारतीय नाविकों के साथ भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज अभी भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम में फारस की खाडी में मौजूद हैं और उनकी कड़ी निगरानी की जा रही है।
