आमला: आदिम जाति कल्याण विभाग से संचालित बालिका छात्रावास में रहने वाली एक नाबालिग छात्रा बीते 20 दिनों से लापता है। छात्रा रोजाना की तरह स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों का कहना है कि इस दौरान पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे उनकी पीड़ा और बढ़ गई है। परिवार का आरोप है कि प्रशासन उनकी चिंता को गंभीरता से नहीं ले रहा, हर दिन उनके लिए भय और अनिश्चितता से भरा है।
छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था भी कटघरे में है। यहां चौकीदार की 24 घंटे मौजूदगी नहीं रहती, न ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बच्चों को स्कूल तक पहुँचाने के लिए वाहन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। परिजनों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ये बुनियादी सुविधाएँ होतीं, तो संभवतः यह घटना टल सकती थी।नागरिकों ने पुलिस पर भी ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग समय पर किया जाता तो अब तक छात्रा का कोई न कोई सुराग मिल सकता था।मामले को लेकर समाज में आक्रोश है और जनसुनवाई सहित उच्च अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की मांग उठ रही है। थाना प्रभारी राजेश सातनकर ने बताया कि गणेश विसर्जन के बाद विशेष टीम भेजकर छात्रा की तलाश तेज की जाएगी।
