इंदौर: रेल मंत्रालय ने नागदा बायपास लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है. यह नई रेल लाइन रोहल खुर्द से भाटीसूडा के बीच 13.70 किलोमीटर लंबी होगी. इस परियोजना पर लगभग 390.36 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें सिविल, सिग्नलिंग एंड टेलीकॉम और इलेक्ट्रिकल से जुड़े कार्य शामिल हैं.नागदा जंक्शन, जो उज्जैन से करीब 55 किलोमीटर दूर दिल्ली–मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर स्थित है, पश्चिम रेलवे का एक अहम स्टेशन है.
आगामी वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले में लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है. नई बायपास लाइन तैयार होने के बाद नागदा जंक्शन तीर्थयात्रियों के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार की भूमिका और मजबूत करेगा. वर्तमान में दिल्ली–मथुरा–कोटा से उज्जैन या इंदौर की ओर जाने वाली ट्रेनों को नागदा जंक्शन पर इंजन रिवर्सल की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है.
जिससे प्रत्येक ट्रेन को 30 मिनट से लेकर दो घंटे तक का अतिरिक्त समय लग जाता है. नई बायपास लाइन बनने के बाद यह प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और ट्रेनों को नागदा में रुककर दिशा बदलने की आवश्यकता नहीं होगी. इससे दिल्ली से उज्जैन तक सीधा रेल संचालन संभव होगा, यात्रा समय घटेगा और रेल यातायात अधिक सुचारू व कुशल बनेगा. परियोजना को लेकर केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नागदा बायपास लाइन न केवल यात्रा को तेज़ और सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि सिंहस्थ 2028 जैसे विशाल आयोजन के दौरान रेलवे नेटवर्क पर दबाव को भी काफी हद तक कम करेगी.
