मुंबई | आईपीएल 2026 के आगाज से पहले पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने मुंबई इंडियंस की रणनीति पर सवाल उठाते हुए रोहित शर्मा की भूमिका को लेकर बड़ी बात कही है। चोपड़ा का मानना है कि रोहित जैसे फिट और दिग्गज खिलाड़ी को केवल ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर इस्तेमाल करना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि एक सलामी बल्लेबाज को डगआउट में बैठकर 20 ओवर मैच देखने की आदत नहीं होती। रोहित को खेल की शुरुआत से ही मैदान पर होना चाहिए ताकि वे अपनी लय बरकरार रख सकें और अपनी चुस्ती-फुर्ती का प्रदर्शन कर सकें।
पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने भी आकाश चोपड़ा की बात का समर्थन करते हुए कहा कि रोहित शर्मा का अनुभव टीम के लिए अमूल्य है। भज्जी के अनुसार, रोहित को 12वें खिलाड़ी के तौर पर सीमित करना ठीक नहीं है। मैदान पर उनकी मौजूदगी कप्तान हार्दिक पांड्या के लिए बड़े मैचों में संबल का काम कर सकती है। जब मैच फंसा हो, तब रोहित जैसा अनुभवी लीडर कप्तान को सही फील्ड सेट करने और गेंदबाजी में बदलाव के लिए सटीक सलाह दे सकता है, जो केवल बल्लेबाजी करने से संभव नहीं है।
गौरतलब है कि आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस ने रोहित शर्मा का इस्तेमाल अक्सर ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर किया था, जिसकी प्रशंसकों और विशेषज्ञों ने कड़ी आलोचना की थी। पिछले सीजन में रोहित का बल्ला भी शांत रहा था और वे केवल 240 रन ही बना सके थे। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रोहित पूरे मैच के दौरान सक्रिय रहते हैं, तो न केवल उनकी बल्लेबाजी में सुधार होगा, बल्कि मुंबई इंडियंस उनके रणनीतिक कौशल का भी पूरा लाभ उठा पाएगी। अब देखना यह है कि 19वें सीजन में टीम मैनेजमेंट क्या फैसला लेता है।

