लाहौर/कोलकाता | जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी द्वारा पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को छोड़कर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को चुनने पर विवाद खड़ा हो गया है। मुजरबानी को पीएसएल की टीम इस्लामाबाद यूनाइटेड ने 11 मिलियन पाकिस्तानी रुपये में साइन किया था, लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से ऑफर मिलते ही उन्होंने पीएसएल से हटने का फैसला किया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) इसे अनुबंध का उल्लंघन मान रहा है और खिलाड़ी के खिलाफ कानूनी विकल्प तलाश रहा है। बोर्ड का मानना है कि इस तरह ऐन वक्त पर लीग छोड़ना टूर्नामेंट की साख को नुकसान पहुँचाता है।
यह लगातार दूसरा मौका है जब किसी विदेशी खिलाड़ी ने पीएसएल पर आईपीएल को तरजीह दी है। पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश ने भी पेशावर जाल्मी का साथ छोड़कर मुंबई इंडियंस का दामन थाम लिया था। मुजरबानी को इस्लामाबाद यूनाइटेड ने शमार जोसेफ की जगह टीम में शामिल किया था, लेकिन अब वे आईपीएल 2026 में केकेआर की बैंगनी जर्सी में नजर आएंगे। पीसीबी के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि वैश्विक पटल पर खिलाड़ी आईपीएल के बड़े मंच और वित्तीय लाभ को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।
ब्लेसिंग मुजरबानी ने हाल ही में संपन्न टी20 विश्व कप 2026 में अपनी घातक गेंदबाजी से सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने जिम्बाब्वे को सुपर-8 तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाते हुए कुल 13 विकेट चटकाए थे। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके 4 विकेटों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। गौर करने वाली बात यह है कि आईपीएल (28 मार्च से) और पीएसएल (26 मार्च से) का शेड्यूल एक बार फिर आपस में टकरा रहा है, जिसके चलते विदेशी खिलाड़ियों के लिए दोनों लीगों में तालमेल बिठाना मुश्किल साबित हो रहा है।

