जबलपुर:राष्ट्रीय राजमार्ग–44 पर वाहन जांच के दौरान जानबूझकर सड़क अवरुद्ध कर यातायात बाधित करने वाले एक चालक को भारी कीमत चुकानी पड़ी। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर संभागीय परिवहन सुरक्षा दस्ता, जबलपुर द्वारा की जा रही नियमित वाहन जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई। वाहन जांच के समय वाहन क्रमांक सीजी–04–एनटी–0804 के चालक अरविंद पटेल, पिता कैलाशचंद पटेल, निवासी देवास ने परिवहन अमले के साथ असहयोगात्मक व्यवहार किया।
चालक द्वारा जानबूझकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन आड़ा खड़ा कर दिया गया, जिससे आम नागरिकों और भारी वाहनों की आवाजाही बाधित हुई तथा यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। भारतीय न्याय संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित चालक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(1), 127(2), 285 एवं 270 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
प्रशासन ने इसे सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर अपराध माना है। उड़न दस्ता प्रभारी राजेंद्र साहू के नेतृत्व में आरक्षक आशुतोष मोघे, आरक्षक पीयूष मरावी, आरक्षक सुश्री वंदना परतेती तथा अन्य स्टाफ ने पुलिस सहयोग से स्थिति को नियंत्रित किया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को पुनः सामान्य किया। प्रभारी राजेंद्र साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवरोध उत्पन्न करना, शासकीय कार्य में बाधा डालना एवं कानून की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
