
सीहोर। बीती रात इछावर तहसील के ग्राम निपानिया सिक्का के तालाब की नहर में घुसे तेंदुए को रात भर की मशक्कत के बाद आखिरकार वन विभाग के अमले ने पिंजरे में कैद कर ही लिया. हालांकि तेंदुए को पिंजरे तक लाने के लिए बकरा बांधा गया था. सुबह तेंदुए को नादान के जंगल में छोड़ दिया गया. उसके बाद ही भयभीत ग्रामीणों व वन विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली.
उल्लेखनीय है कि बीती शाम लगभग चार बजे इछावर तहसील के ग्राम निपानिया सिक्का के तालाब के पास इरशाद पठान अपने खेत में तरबूज की फसल में सिंचाई कर रहे थे. तभी उनकी नजर तालाब की नहर में घुस रहे तेंदुए पर पड़ गई. यह देखकर वह भयभीत तो हुए लेकिन सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने पिता के साथ मिलकर नहर के मुहाने पर वजनी पत्थर रख दिया जिससे तेंदुआ नहर के पाईप में ही फंसकर रह गया.
देर रात आष्टा तहसील मुख्यालय से पिंजरा बुलवाकर तेंदुए को पकडऩे की योजना बनाई. इस दौरान एसडीओ अल्विन बर्मन, सीहोर रेंजर राजेश चौहान, इछावर रेंजर विरेन्द्र सिंह बिसोरिया, डिप्टी रेंजर दीपक बेदी, प्रदीप विश्वकर्मा, कमलेश वर्मा व वन विभाग का अन्य अमला मौजूद था. रात को पिंजरे में एक बकरा बांधा गया. इन सब कवायदों के बाद आखिरकार सुबह पांच बजे तेंदुआ बकरे का शिकार करने जैसे ही पिंजरे में आया, उसका दरवाजा बंद हो गया. पिंजरे में तेंदुए को फंसा देखकर वन विभाग के अमले व वहां मौजूद ग्रामीणों ने हर्ष का इजहार किया.
