सतना : ईरान और खड़ी देशों के बीच जारी युद्ध के चलते पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्ध पर संकट के बादल मंडराने के बीच एलपीजी गैस की कमी ने लोगों को सांसत में डाल रखा है. आलम यह है कि गैस सिलेंडर पाने के लिए लोग अपना रोजमर्रा का कामकाज छोडक़र एजेंसियों के बाहर लंबी लंबी कतारें में खड़े हो रहे हैं. इतना ही नहीं बल्कि दिन भर इंतजार करने के बावजूद भी लोगों के हाथ मायूसी ही लग रही है.एलपीजी गैस के सिलेंडरों को लेकर अब लोगों के बीच मारामारी जैसी स्थिति बनती नजर आने लगी है. शुक्रवार को सुबह सवेरे से ही गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लोगों की खासी भीड़ लगना शुरु हो गई.
महिला पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग अपने साथ खाली सिलेंडर लेकर लाइन में लगने लगे. जैसे ही गोदाम से सिलेंडर से भरा वाहन वहां पहुंचता लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बनने लगती. उनमें से कुछ को सिलेंडर मिल जाता लेकिन अधिकांश लोग मायूस होकर दोबारा इंतजार करने लगते. यह सिलसिला शुक्रवार को दिन भर शहर की सभी गैस एजेंसियों और गादामों के आस पास चलता रहा. घंटो लाइन में खड़े रहने के बाद भी जब गृहणी और भारत गैस की उपभोक्ता श्रीमती सुमन विश्वकर्मा की बारी नहीं आई तो उनका धैर्य जवाब दे गया.
व्यवस्था को कोसते हुए उन्होंने कहा कि उनका परिवार मेहनत मजदूरी कर अपना गुजर बसर करता है. एक सिलेंडर को भरवाने के लिए उन्हें काफी सोचना पड़ता है. लेकिन जैसे ही उनका सिलेंडर समाप्त होने को आया वैसे ही गैस एजेंसी के लोगों ने ढेंगास दिखाना शुरु कर दिया. लगभग एक सप्ताह से लगातार परेशान होने के बाद शुक्रवार को कुछ उम्मीद बंधी थी. लेकिन दिन भर इंतजार करने के बाद भी उन्हें मायूसी ही मिली. इसी कड़ी में भरहुत नगर निवासी और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उपभोक्ता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि जब सरकार को पहले से मालूम था कि ऐसी स्थिति बन सकती है तो फिर पहले ासे इंतजताम क्यों नहीं किया गया.
उनके घर गैस समाप्त हो चुकी है. जो थोड़ा बहुत भोजन इंडक्शन पर बन जाता है उसके अलावा शेष के लिए होटलों पर निर्भर रहना पड़ता है. वहीं अब होटल वालों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं. इसी कड़ी में राजेंद्र नगर निवासी छात्र संदीप गौतम ने कहा कि अगले महीने से उसकी परीक्षाएं शुरु होने वाली हैं. लेकिन घर में गैस की किल्लत के चलते सब कुछ छोड़ कर उसे जहां तहां भटकना पड़ रहा है. यह सरकार की नाकामी है और इस मामले में कोई ठोस प्रयास करने के बजाए लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है.
खाद्य विभाग ने की जांच
जिला आपूर्ति अधिकारी सम्यक जैन के अनुसार शुक्रवार को खाद्य विभाग की टीम द्वारा इंडियन कॉफी हाउस, वीनस स्वीट्स, महेश्वरी स्वीट्स सहित अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई. जहां पर कामर्शियल सिलेंडर का उपयोग होने के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवस्था के अंतर्गत इंडक् शन हीटर, कोयला भट्टी और इलेक्ट्रिक भ_ी का उपयोग होता पाया गया. इसी कड़ी में टीम द्वारा सलोनी गैस एजेंसी, मोटवानी गैस एजेंसी सहित अन्य एजेंसियों में स्टॉक की उनलब्धता की जांच की गई. लेकिन कंपनी के पोर्टल पर रिफिल बुकिंग नहीं होने के कारण उपभोक्ता बुकिंग कराने में असमर्थ पाए गए. जिन उपभोक्ताओं द्वारा बुकिंग कराईं गई है उन्हें रिफिल सिलेंडर प्राप्त करने में कोई समस्या नहीं हो रही है.
