इंदौर: चोइथराम मंडी में लगातार दूसरे दिन भी किसानों का आक्रोश देखने को मिला. लहसुन के बेहद कम भाव और मंडी में फैली अव्यवस्थाओं के कारण बड़ी संख्या में किसान मंडी के मुख्य द्वार पर पहुंचकर अपनी समस्याएं और नाराज़गी दर्ज कराते रहे. किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत की फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी में रोटेशन पद्धति का पालन नहीं किया जा रहा, जिसके कारण कई किसानों की उपज सही दाम नहीं मिल पा रहे हैं. किसानों का यह भी कहना है कि मंडी प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है. मंडी अधिकारी लगातार बिगड़ती व्यवस्था को सुधारने में असफल साबित हो रहे हैं, जिसके कारण किसानों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है.
इस संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बबलू जाधव रामस्वरूप मंत्री चंदनसिंह बड़वाया शैलेंद्र पटेल प्रवीण ठाकुर ने कड़े शब्दों में मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों की मेहनत और पसीने से तैयार फसल का इस तरह अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि मंडी में रोटेशन पद्धति को तत्काल प्रभाव से लागू नहीं किया गया और लहसुन के उचित भाव सुनिश्चित नहीं किए गए, तो किसान मजबूर होकर उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विवश होंगे.
व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए
उन्होंने मंडी प्रशासन से मांग की कि किसानों के साथ न्याय किया जाए, मंडी की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए और फसलों के उचित मूल्य सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सम्मानजनक दाम मिल सके.
