
नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के ग्राम सुपरली के किसान योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने अनाज से डॉलफिन मछली की अनोखी आकृति बनाकर विश्व में चल रहे युद्धों को रोकने की भावनात्मक अपील की है। इस कलात्मक पहल के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया है कि युद्ध का प्रभाव केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जल, थल और नभ के सभी जीव-जंतुओं को भी इसकी पीड़ा झेलनी पड़ती है।
सोलंकी ने डॉलफिन की प्रतीकात्मक आकृति बनाकर जलीय जीवों की व्यथा को दर्शाया है। उनका कहना है कि बारूदी युद्ध और विस्फोटों से समुद्री और नदीय जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। उन्होंने इस संदेश को शब्द देते हुए कहा, हम जल के जीव कहाँ जाएँ? हे दयालु मनुष्य, युद्ध रोको।
योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने इस कला के जरिए युद्ध में शामिल देशों के राष्ट्राध्यक्षों के चित्र भी अनाज से तैयार किए हैं। इनमें डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिका), बेंजामिन नेतन्याहू (इज़राइल), मोजतबा खामनेई (ईरान), महमूद अब्बास
(फिलिस्तीन), रशद अल अलिमी (यमन), अहमद अल अब्दुल्ला सबाह (कुवैत), हमद बिन ईसा अल खलीफा (बहरीन) और मोहम्मद बिन जायद अल नहयान (यूएई) शामिल हैं।
इन चित्रों को बनाने में धान, बाजरा, रागी, चावल, तिल, राजगीरा और खसखस जैसे विभिन्न अनाजों का उपयोग किया गया है। सोलंकी का कहना है कि युद्ध का असर कृषि और खाद्यान्न उत्पादन पर भी पड़ता है, इसलिए विश्व में शांति स्थापित होना बेहद जरूरी है। उनकी यह अनोखी कलाकृति शांति और सह-अस्तित्व का संदेश दे रही है।
