इंदौर:18 दिसंबर से शुरू होने वाली बाघ गणना से पहले वन विभाग ने इंदौर वनमंडल की सभी 102 बीटों में दो दिवसीय मॉक ड्रिल शुरू कर दी है. जिसके चलते पहले दिन मांसाहारी और दूसरे दिन शाकाहारी वन्यजीवों की उपस्थिति का आकलन किया जाएगा.डीएफओ प्रदीप मिश्रा ने बताया कि इंदौर में हर चार साल में होने वाली बाघ गणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं.
इसी सिलसिले में गुरुवार से वन विभाग ने रालामंडल, उमरीखेड़ा ईको पार्क, चोरल, महू और मानपुर सहित पूरे वनमंडल में मॉक ड्रिल की शुरुआत की. तड़के सुबह सूरज निकलने से पहले ही 200 से अधिक बीट गार्डों, वनकर्मियों और अधिकारियों की टीम जंगलों में उतर गई. वनमंडलाधिकारी ने बताया कि इंदौर वनमंडल का क्षेत्र लगभग 700 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, जहां विभिन्न प्रकार के शाकाहारी और मांसाहारी वन्यजीव निवास करते हैं.
कुछ प्रजातियां यहां स्थायी रूप से रहती हैं, जबकि कुछ जंगल की सीमा पार कर मौसम और परिस्थिति के अनुसार इधर उधर विचरण करती हैं. मॉक ड्रिल के पहले दिन प्रत्येक बीट में दल लगभग पांच वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में घूमकर प्रमाण जुटाते रहे. इसमें पेड़ों पर पंजों की खरोंच, मिट्टी में पदचिह्न, मल, शिकार के अवशेष और अन्य संकेतों के फोटो लेकर दस्तावेजीकरण किया. शुक्रवार को इसी प्रक्रिया को शाकाहारी जीवों के लिए दोहराया जाएगा.
