नई दिल्ली | संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन आज लोकसभा की कार्यवाही बेहद हंगामेदार रहने की उम्मीद है। विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आज दूसरे दिन भी चर्चा जारी रहेगी। मंगलवार को कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव पर विपक्ष ने स्पीकर पर “पक्षपातपूर्ण व्यवहार” का आरोप लगाते हुए तीखे हमले किए थे। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज सदन में सरकार का पक्ष रख सकते हैं। पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने इस ऐतिहासिक बहस के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया है, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार वाकयुद्ध तय माना जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, उच्च सदन यानी राज्यसभा में भी आज विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण देश भर में रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कथित कमी और कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। सांसद का आरोप है कि गैस सिलेंडरों के लिए उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम नागरिकों के सामने “बड़ा संकट” खड़ा हो गया है। विपक्ष मांग कर रहा है कि सरकार सदन को LPG भंडार की वास्तविक स्थिति और भविष्य में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दे।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही शून्यकाल के दौरान जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जा रहे हैं। लोकसभा में जहाँ अविश्वास प्रस्ताव के कारण संवैधानिक और संसदीय गरिमा पर चर्चा केंद्रित है, वहीं राज्यसभा में बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय तनाव के घरेलू असर पर बहस होने की संभावना है। संसदीय नियमों के अनुसार, 50 से अधिक सांसदों के समर्थन के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई है, जो सरकार और विपक्ष के बीच शक्ति परीक्षण का केंद्र बनी हुई है। देश की नजरें आज अमित शाह के संबोधन और विपक्ष के अगले रुख पर टिकी हैं, क्योंकि बजट सत्र का यह चरण राजनीतिक दृष्टि से काफी संवेदनशील हो गया है।

