खाते में वेतन डालकर वापस लेते हैं ठेकेदार, जांच के लिए कलेक्टर की चौखट पर पहुंचे श्रमिक

सारनी। पाथाखेड़ा क्षेत्र की कोयला खदानों में कार्यरत ठेका मजदूरों के साथ कथित आर्थिक शोषण, वेतन कटौती और सीएमपीएफ राशि में अनियमितताओं को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन आज भी जारी रहा। आक्रोशित मजदूर रैली के रूप में जिला मुख्यालय बैतूल पहुंचे और कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

मजदूरों ने आरोप लगाया कि कई ठेकेदार वर्षों से भोले-भाले मजदूरों का शोषण कर रहे हैं। मजदूरों के बैंक खातों में पूरा वेतन जमा कराने के बाद उन पर दबाव बनाकर लगभग एक तिहाई राशि नकद वापस ले ली जाती है। विरोध करने पर काम से निकालने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की धमकी दी जाती है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, जिससे गरीब मजदूर परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। साथ ही लगभग दो दशकों से सीएमपीएफ (कोल माइंस प्रोविडेंट फंड) में भी अनियमितताओं की आशंका जताई गई है।

ज्ञापन में बकाया वेतन का तत्काल भुगतान, जबरन वसूली की जांच और सीएमपीएफ राशि की पारदर्शी जांच की मांग की गई। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि समाधान नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।जिसमें आमरण अनशन की उम्मीद जताई जा रही है जो की क्षेत्र वासियों के लिए शर्मिंदा होना जैसी बात समझ आ रही है।

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