सतना :रविवार दोपहर में क्रिकेट खेलने के बाद निकट स्थित नहर में स्नान करने के लिए उतरे 2 बालक लापता हो गए. एसडीआरएफ और पुलिस की टीम द्वारा रविवार को आंशिक तौर पर और सोमवार को पूरे दिन रेस्क्यू अभियान चलाया गया. लेकिन इसके बावजूद भी दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका. जिसे देखते हुए परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है.प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरमारी गांव के निवासी संजीव मिश्रा का 15 वर्षीय पुत्र आर्यन मिश्रा और सूर्यबली विश्वकर्मा का 13 वर्षीय बेटा आयुष विश्वकर्मा रविवार की दोपहर गांव में नहर के किनारे स्थित खाली मैदान में गांव के ही अन्य मित्रों के साथ क्रिकेट खेल रहे थे.
बताया गया कि धूप में क्रिकेट खेलने के कारण पसीने से तर-बतर होने के बाद दोनों बालक निकट स्थित नहर में नहाने के लिए चले गए. लेकिन नहाने के दौरान वे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. जैसे ही साथ ममें मौजूद अन्य बालकों की नजर पड़ी तो वे बुरी तरह घबरा गए और शोर मचाने लगे. इसी कड़ी में कुछ बच्चों ने भागकर परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी. जिसके चलते परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना देने के साथ ही नजर किनारे पहुंच गए और खोजबीन शुरु की.
कुछ देर बाद ही थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी नरे फौरन ही एसडीआरएफ को घटना की सूचना दे दी. घटना की सूचना मिलने पर रविवार की शाम एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू अभियान शुरु किया. लेकिन कुछ देर बाद ही अंधेरा हो जाने के कारण अभियान को रोकना पड़ गया. अगले दिन सोमवार की सुबह एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बार फिर से रेस्क्यू अभियान शुरु किया. यह अभियान सुबह से लेकर शाम को अंधेरा होने तक जारी रहा. लेकिन इसके बावजूद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल सका.
परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
सोमवार को एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा चोरमारी गांव से अभियान शुरु करते हुए सगौनी बाइपास तक के क्षेत्र की सघन जांच की गई. रेस्क्यू में बाधक बनने के कारण नहर में बह रहे पानी को रुकवाया गया. लेकिन इसके बावजूद भी सफलता नहीं मिल सकी. वहीं दोनों बालकों के परिजन नहर किनारे टकटकी लगाए बैठे हुए हैं. अनहोनी की आशंका के चलते उनका रो रो कर बुरा हाल हुआ जा रहा है. नहर किनारे मिले बालकों के कपड़े और साइकिल को देख परिजन और बेहाल हुए जा रहे हैं. जिसके चलते ग्रामीण भी उनके साथ डटे हुए हैं. वहीं एसडीआरएफ और पुलिस द्वारा परिजनों को आश्वस्त किया जा रहा है कि रेस्क्यू अभियान लगातार जारी रहेगा.
