सीहोर। कलेक्टर बालागुरू के ने टीएल बैठक में वन अधिकार दावों के निराकरण में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए वन एवं राजस्व अधिकारियों को फटकार लगाई.
उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर वन ग्रामों के राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन तथा वन पट्टों के मिलान का कार्य प्राथमिकता से पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी. कलेक्टर बालागुरू के की अध्यक्षता में आयोजित टीएल बैठक में वन ग्रामों के संपरिवर्तन, वन खण्डों के व्यवस्थापन तथा वन पट्टों की संख्या और रकबे के मिलान के कार्यों की समीक्षा की गई. इस दौरान वन मित्र पोर्टल पर लंबित व्यक्तिगत वनाधिकार दावों के निराकरण में लगातार हो रही देरी पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की. कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि वनाधिकार से जुड़े प्रकरण और वन ग्रामों का राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन शासन की प्राथमिकता में शामिल है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक में जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान की भी समीक्षा कर निर्देश दिए कि लक्षित बालिकाओं का समय-सीमा में टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना बनाकर अभियान को गति दी जाए. कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों पर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने चेतावनी दी कि समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा. बैठक में सीईओ सर्जना यादव, एडीएम वृंदावन सिंह, संयुक्त कलेक्टर सुश्री वंदना राजपूत, रविंद्र परमार, जमील खान, एसडीएम तन्मय वर्मा, स्वाति मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर प्रेम सिंह गौंड़ आदि उपस्थित थे.
