जबलपुर: मदनमहल पहाड़ी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्जों को हटाने के लिए सोमवार को प्रशासन ने फिर से कार्रवाई की। न्यायालय के आदेश के तहत प्रशासनिक अमला बुल्डोजर के साथ मौके पर पहुंचा और कई मकानों को तोड़ा गया। हालांकि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच विस्थापित होने वाले गरीब परिवारों की समस्याएं भी सामने आईं। कार्रवाई के दौरान इलाके में भावुक माहौल देखने को मिला। महिलाएं, छोटे-छोटे बच्चे और स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपने घरों को टूटते देख रो पड़े। कई लोग एक-दूसरे को दिलासा देते नजर आए कि कुछ दिन बाद सब ठीक हो जाएगा। वहीं बुजुर्गों का कहना है कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से यहां अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। उनका कहना है कि जमीन भले ही सरकारी हो और निर्माण अवैध हो, लेकिन वे अनैतिक लोग नहीं हैं। मदनमहल पहाड़ी क्षेत्र में करीब 1500 परिवार वर्षों से रह रहे थे। प्रशासन की योजना के अनुसार इन परिवारों को तेवर क्षेत्र में शिफ्ट किया जाना है। प्रत्येक परिवार को वहां लगभग 450 वर्गफीट का प्लॉट देने की बात कही जा रही है।
पट्टा नहीं मिला, सूची से नाम गायब
कई परिवारों का आरोप है कि वर्ष 2019 में उन्हें जमीन के लिए पर्चियां दी गई थीं, लेकिन अब पट्टा देने की सूची में उनका नाम नहीं है। इससे लोगों में असमंजस और नाराजगी है। उनका कहना है कि उन्हें हटाया जा रहा है, लेकिन स्थायी जमीन का अधिकार अब तक नहीं मिला।
पुनर्वास स्थल पर सुविधाओं का अभाव
तेवर में विस्थापित होने वाले लोगों का कहना है कि वहां केवल खाली मैदान है। न बिजली की व्यवस्था है, न पानी, न नाली और न शौचालय। अधिकारियों की ओर से फिलहाल बांस और तंबू दिए जा रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि जवान बेटियों के साथ खुले मैदान में रहना उनके लिए बड़ी चिंता का विषय है।
कार्रवाई के दौरान मची चीख-पुकार
दोपहर करीब 11:30 बजे जब अतिक्रमण हटाने की टीम बुल्डोजर लेकर पहुंची तो इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं और युवतियां रोने लगीं। वहीं बुजुर्ग और बीमार लोग कुछ कहने की स्थिति में नहीं थे, उनकी आंखों में केवल आंसू थे।
कई परिवारों ने खुद ही तोड़े अपने घर
बुल्डोजर से सामान नष्ट होने से बचाने के लिए सुबह से ही 100 से अधिक परिवारों ने अपने घरों का सामान निकालना शुरू कर दिया था और खुद ही मकान तोड़ने लगे। उनका कहना था कि यदि सामान सुरक्षित निकाल लिया जाएगा तो वह आगे काम आ सकेगा।
