
इंदौर. देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा रखने वाले इंदौर में दूषित पानी ने चार जिंदगियां छीन लीं. भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से फैली उल्टी दस्त की बीमारी में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है. एक हफ्ते में करीब 150 लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं. 111 पीड़ित अस्पताल में भर्ती हुए थे जिनमें से 18 ठीक होकर घर लौट चुके हैं. हालात बिगड़ते देख प्रशासन और सरकार हरकत में आ गए हैं .
सोमवार को भागीरथपुरा क्षेत्र में अचानक बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. उल्टी, दस्त, पेट दर्द और जी मिचलाने की शिकायत के बाद मरीजों को वर्मा हॉस्पिटल, त्रिवेणी हॉस्पिटल सहित अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. हालात उस वक्त और गंभीर हो गए जब इलाज के दौरान चार मरीजों की मौत की पुष्टि हुई. मंगलवार सुबह वर्मा हॉस्पिटल में इलाजरत 75 वर्षीय नंदलाल पाल की मौत हो गई. उन्हें 28 दिसंबर को उल्टी दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया था. डॉक्टरों के अनुसार उनकी मेडिकल हिस्ट्री में ब्लड प्रेशर की समस्या थी, वहीं परिजन का कहना है कि दूषित पानी पीने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ी. इसके अलावा इलाके की तीन महिलाओं की भी मौत हुई है, जिनके परिजन भी गंदे पानी को वजह बता रहे हैं. इनमें से 74 वर्षीय मंजुला ,सीमा प्रजापत और उमा कोरी है .
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सोमवार देर रात अस्पताल पहुंचे और मरीजों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया. उनके साथ विधायक रमेश मेंदोला और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी मौजूद थे. इस दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि सभी मरीजों का इलाज सरकार के खर्च पर कराया जाएगा और जिन्होंने निजी अस्पतालों में पैसे जमा किए हैं, उन्हें वापस दिलाया जाएगा. साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि दूषित पानी कहां से सप्लाई हुआ, इसकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
स्थानीय निवासी दिव्यांशु ने नव भारत को बताया कि इलाके में यह समस्या 24 दिसंबर से बनी हुई है. कई घरों में एक एक से ज्यादा सदस्य बीमार पड़े हैं. प्रशासनिक जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि क्षेत्र में चल रही खुदाई, पानी की टंकी या सप्लाई लाइन में गड़बड़ी के कारण पानी दूषित हुआ. पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं. घटना सामने आने के बाद नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें इलाके में तैनात कर दी गई हैं. लोगों से एहतियातन उबला हुआ पानी पीने और नल के पानी का सीधे उपयोग न करने की अपील की गई है. देश के सबसे साफ शहर में गंदे पानी से हुई मौतों ने स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
