जबलपुर: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देने के उद्देश्य से जबलपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं और महिलाओं को निश्शुल्क विधिक सहायता की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष कृष्णमूर्ति मिश्र के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा महात्मा गांधी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन्स के लाए एजुकेशन, बीएचएमएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कालेज में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शक्ति वर्मा ने महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित छात्राओं और महिलाओं को बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर, जरूरतमंद और पीडि़त महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि पात्र महिलाओं को निशुल्क अधिवक्ता की सुविधा, न्यायालय शुल्क में छूट, विधिक परामर्श तथा न्यायालयीन प्रकरणों के संचालन में सहायता प्रदान की जाती है।
इसके साथ ही महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीडऩ, संपत्ति के अधिकार और कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडऩ जैसे मामलों में उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया गया। महिलाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या या उत्पीडऩ की स्थिति में वे अपने नजदीकी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय या विधिक सहायता केंद्र से संपर्क कर नि:शुल्क सहायता प्राप्त कर सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और अन्याय की स्थिति में बिना संकोच विधिक सहायता लेने का आग्रह किया गया। डॉ. सोनल साहनी ने महिला स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। कार्यक्रम में चेयरपर्सन डॉ. झूमा वर्मा, डायरेक्टर कृतिका वर्मा, ज्वाइंट डायरेक्टर विपिन पांडेय, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एडवोकेट प्रतीक जैन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से अनुज शर्मा उपस्थित थे।
