
छतरपुर। जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मलका में पुराने विवाद को लेकर एक ही परिवार पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। इस घटना में परिवार के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि हमले के पीछे गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों की साजिश है।
पीड़ित भागीरथ अहिरवार (62) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 मार्च की सुबह करीब साढ़े सात बजे गांव के सियाराम अहिरवार, तुलाराम अहिरवार, बृजेंद्र अहिरवार और प्रदीप अहिरवार फरसा, कुल्हाड़ी और डंडे लेकर उनके घर पहुंचे। उस समय उनके बेटे राहुल अहिरवार और भतीजे राजकुमार अहिरवार घर के बाहर बैठे थे। आरोप है कि चारों ने दो दिन पहले हुए विवाद को लेकर गाली-गलौज करते हुए उन पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए राहुल और राजकुमार घर के आंगन में भागे, लेकिन आरोपी घर के अंदर घुस आए और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट करने लगे।
इसी दौरान अजय, रंजीत, विजय और रवि नाम के लोग भी लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए और सभी ने मिलकर परिवार के लोगों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमले में राहुल, राजकुमार, भागीरथ, उनकी पत्नी लच्छी, बहू शीला, बेटी आरती, भाई प्रेमचंद और भतीजे मनीष सहित कई लोग घायल हो गए। राहुल के सिर में चोट आई, जबकि राजकुमार के सिर, सीने और हाथ में गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान राजकुमार के दो मोबाइल फोन भी तोड़ दिए गए, जिससे करीब 25 हजार रुपए का नुकसान हुआ।
घटना के बाद घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां बहू शीला की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमले के बाद आरोपियों ने उल्टा शिकायत कर खुद को बचाने की कोशिश की।
सोमवार को भागीरथ अहिरवार अपने परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आवेदन सौंपकर गांव के हरिओम मिश्रा और छोटू उर्फ विकास मिश्रा पर चुनावी रंजिश के चलते हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया। पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि कथित साजिशकर्ताओं के नाम एफआईआर में जोड़े जाएं और परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए, क्योंकि 25 अप्रैल को उनकी बेटी की शादी है और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका है।
