
छतरपुर। प्रसव के बाद एक महिला की हालत गलत रक्त चढ़ाए जाने से गंभीर हो गई। मालती नामक महिला ने जिला अस्पताल में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन प्रसव के बाद उनकी ब्लीडिंग बंद नहीं हो रही थी।
बताया गया कि 1 मार्च को पति दीपक पाल ने रक्तदान किया। जांच में मालती का ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव बताया गया और उसी के अनुसार रक्त चढ़ा दिया गया। इसके बाद महिला की तबीयत और बिगड़ गई।
गंभीर हालत में उन्हें ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां जांच में पता चला कि उनका ब्लड ग्रुप सामान्य ओ पॉजिटिव नहीं बल्कि बेहद दुर्लभ ‘बॉम्बे पॉजिटिव (Oh)’ है। गलत रक्त चढ़ने से उनका खून संक्रमित हो गया और किडनी पर असर पड़ने के कारण डायलिसिस की नौबत आ गई।
इसके बाद रक्तवीर सेवादल के अमित जैन ने देशभर में संपर्क किया। आखिरकार विशाखापत्तनम में यह दुर्लभ ब्लड मिला, जिसे कार्गो विमान से ग्वालियर भेजा गया। समय रहते यह रक्त मालती को चढ़ाया गया, जिसके बाद डॉक्टरों की निगरानी में उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार बताया जा रहा है।
