
ग्वालियर। ग्वालियर किले पर स्थित केन्द्रीय पुरातत्व संग्रहालय गूजरी महल, ग्वालियर में “अतीत के शक्ति स्पंदन को वर्तमान शक्तिशाली भारत की अवधारणा के साथ जोड़ने” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में ललित कला महाविद्यालय सहित शहर के अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने गूजरी महल ग्वालियर में प्रदर्शित सप्तमातृकाओं, योगिनी एवं अन्य देवी प्रतिमाओं की जीवंत चित्रकारी की गई।
राज्य शासन के संस्कृति विभाग पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय भोपाल के तत्वावधान में कार्यालय उपसंचालक, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय मध्यप्रदेश उत्तरी क्षेत्र, ग्वालियर द्वारा सेवा पर्व 2025 के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ मधुसूदन शर्मा, से.नि. प्राचार्य शासकीय ललितकला महाविद्यालय ग्वालियर द्वारा किया गया। साथ ही डॉ. मनोज अवस्थी, विभागाध्यक्ष, माधव महाविद्यालय, ग्वालियर भी उपस्थित रहे। आयोजन में बालक सरस्वती उ.मा.वि. बादलगढ़ ग्वालियर, शासकीय कन्या उ.मा.वि. किलागेट ग्वालियर, विक्टर कॉन्वेन्ट हा.से. स्कूल किलागेट ग्वालियर, शासकीय ललितकला महाविद्यालय ग्वालियर तथा अन्य शालाओं के छात्र-छात्राओं द्वारा केन्द्रीय पुरातत्व संग्रहालय गूजरी महल ग्वालियर में प्रदर्शित सप्तमातृकाओं, योगिनी एवं अन्य देवी प्रतिमाओं की जीवंत चित्रकारी की गयी।
छात्र-छात्राओं द्वारा बनाई गयी चित्रकला का मूल्यांकन ओमप्रकाश माहौर, सीमा तोमर एवं संध्या माहौर की समिति द्वारा किया गया। सीनियर वर्ग में कु. लक्ष्मी शर्मा (प्रथम), कु. सुरुचि (द्वितीय) एवं श्री पंकज कुमार प्रजापति (तृतीय) तथा जूनियर वर्ग में कु. द्रोनिका बिजोले (प्रथम), कु. अंकिशा (द्वितीय), कु. शिवानी नरवरिया (तृतीय) रहे।
