
बैतूल। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के पाथाखेड़ा क्षेत्र में कार्यरत ठेका मजदूरों ने वेतन भुगतान में कथित देरी और अवैध वसूली के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया तथा कुछ ठेकेदारों के पुतले जलाए। अधिकारियों ने बताया कि मामले में ठेकेदारों को पहले ही लिखित निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रबंधन द्वारा तय समय सीमा के बावजूद मजदूरों के खातों में दो से तीन माह का वेतन जमा नहीं होने से तवा 1, तवा 2 सहित क्षेत्र की तीनों खदानों में असंतोष बढ़ गया। मजदूरों की आंशिक अनुपस्थिति के कारण उत्पादन प्रभावित होने की भी सूचना है।
भूमिगत खदानों में कार्यरत सैकड़ों मजदूर एकत्र हुए और कथित रूप से शोषण में संलिप्त ठेकेदारों के नाम लिखकर उनके पुतले दहन किए। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय पुलिस बल तैनात रहा और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मजदूरों ने समय पर वेतन भुगतान और खातों से राशि लौटाने के दबाव पर रोक लगाने की मांग की।
इससे पहले वर्कशॉप मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ बैठक की। बैठक में मजदूरों की बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड तत्काल लौटाने तथा भुगतान के बाद किसी भी प्रकार की वसूली पर रोक के निर्देश दिए गए। कुछ महिला मजदूरों ने आरोप लगाया कि खातों में वेतन जमा होने के बाद भी राशि वापस करने का दबाव बनाया जा रहा है।
श्रमिक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि कथित शोषण बंद नहीं हुआ तो काली होली मनाई जाएगी और सामूहिक रूप से जिला प्रशासन से शिकायत की जाएगी। एपीएम ललित प्रकाश तिर्की ने कहा कि ठेकेदारों को दो बार लिखित निर्देश दिए जा चुके हैं और विलंब जारी रहने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
