जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने सीएमएचओं सिवनी के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत मलेरिया कर्मी के खिलाफ रिकवरी निकाली गई थी। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने सरकार को छह फीसदी ब्याज के साथ याचिकाकर्ता को राशि लौटाने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला सिवनी निवासी चंदुलाल निखारे की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया कि सीएमएचओ द्वारा यह कहते हुए रिकवरी निकाली गई कि याचिकाकर्ता दैनिक वेतनभोगी है, इसलिए उसे दी गई क्रमोन्नति वापस ली जाएगी। याचिकाकर्ता की ओर से दस्तावेज प्रस्तुत कर बताया गया कि उसे 18 मार्च 2011 को नियमित कर दिया गया है। नियमित कर्मचारी से क्रमोन्नति की राशि वापस नहीं ली जा सकती। जिसके बाद न्यायालय ने रिकवरी को अनुचित करार देते हुए उसे निरस्त कर दिया।
