जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने जिला पंचायत मंडला के सीईओ को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ता का रोका गया वेतन ब्याज सहित भुगतान करें। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने इसके लिए 60 दिन की मोहलत दी है। एकलपीठ ने कहा है कि यदि आवेदक पात्र है तो उसके अभ्यावेदन पर उचित निर्णय ले।मंडला निवासी ज्ञानी विजय पाल की ओर से यह मामला दायर किया गया है। जिनकी ओर से अधिवक्ता सुशील मिश्रा एवं कंचन मिश्रा पांडे ने पक्ष रखा।
उन्होंने बताया कि बिना कोई कारण बताए याचिकाकर्ता पंचायत सचिव का वेतन रोक दिया गया है। इस संबंध में याचिकाकर्ता ने सीईओ को अभ्यावेदन देकर मांग की थी कि उसे वेतन सहित अन्य लाभ ब्याज सहित अदा करें। कोई कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि यदि याचिकाकर्ता पात्र है तो उसके अभ्यावेदन का निराकरण करें, ताकि इस मुद्दे पर उसे दोबारा न्यायालय न आना पड़े।
