जबलपुर: विद्युत वितरण कंपनी के लाइन कर्मियों का मूल कार्य एफओसी और विद्युत तंत्र का रखरखाव है, राजस्व वसूली लाइन कर्मियों का मूल कार्य नहीं है, इसके बाद भी अधिकारी बाकी सभी कार्य रोक कर लाइन कर्मियों से राजस्व वसूली करा रहे हैं। इतना ही नहीं राजस्व वसूली में मामूली कमी भी रह जाये तो सीधे सस्पेंड कर दिया जाता है। उक्त आरोप मप्रविमं तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने लगाए हैं।
उन्होंने जबलपुर सिटी सर्किल के अधीक्षण अभियंता की तानाशाहीपूर्ण कार्यशैली की निंदा करते हुए कहा कि फरवरी महीने का राजस्व लक्ष्य 64.5 करोड़ रुपये थे, इसके एवज में लाइन कर्मियों ने 66 करोड़ रुपये का संग्रहण किया। इसके बावजूद कार्यपालन अभियंता अपनी लचर कार्यप्रणाली को छिपाने के लिए लाइन कर्मियों का निशाना बनाया जा रहा है। हरेंद्र श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि अधीक्षण अभियंता द्वारा तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए कर्तव्यनिष्ठ लाइन कर्मियों को सस्पेंड किया जा रहा है और अपने इस कृत्य की वाहवाही लूटी जा रही है। संघ के एसके मौर्य, केएन लोखंडे, एसके सिंह, एसके शाक्य, मदन पटेल आदि ने कहा कि सस्पेंड लाइन कर्मियों को तत्काल बहाल किया जाए और कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि तानाशाही करने वाले अधीक्षण अभियंता से चालू प्रभार वापस लिया जाए।
