मनेन्द्रगढ़ में दहशत की प्रतीक बनी मादा भालू के दो शावकों वन विभाग ने किया पिंजरे में कैद

मनेन्द्रगढ़, 17 दिसंबर (वार्ता) छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ जिले में बीते लगभग तीन महीनों से दहशत और आतंक का कारण बनी मादा भालू के दो शावकों को वन विभाग के अधिकारियों ने पकड़ लिया।अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार देर रात वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में मादा भालू के दोनों शावक फंस गए, जबकि मादा भालू मौके से भाग निकलने में सफल रही। शावकों के पकड़े जाने से शहरवासियों ने राहत की सांस ली है, हालांकि मादा भालू की मौजूदगी से अब भी भय का माहौल बना हुआ है।

वन विभाग के सूत्रों से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार, पिछले तीन महीनों से मादा भालू अपने दो शावकों के साथ मनेन्द्रगढ़ के विभिन्न वार्डों, रिहायशी इलाकों, खेतों और राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे क्षेत्रों में लगातार देखी जा रही थी। रात के समय रिहायशी क्षेत्रों में भालुओं की आवाजाही से आम नागरिकों में डर का माहौल था। कई बार भालू के अचानक सामने आ जाने से लोग जान बचाकर भागते नजर आए।

इस दौरान हुए हमलों में कई लोग घायल हुए, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें भी आईं। लगातार घटनाओं के चलते स्थानीय नागरिकों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ती जा रही थी।उन्होंने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने विशेष रणनीति के तहत भालू और उसके शावकों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने का निर्णय लिया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हसदेव इन होटल के समीप उपयुक्त स्थान का चयन कर पिंजरा लगाया गया था। मंगलवार की रात दोनों शावक पिंजरे में फंस गए, जबकि मादा भालू वहां से भागने में सफल रही।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब मादा भालू को पकड़ने के लिए ट्रैंक्यूलाइज टीम की मदद ली जा रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में भालू को सुरक्षित रूप से बेहोश कर पकड़ने की तैयारी है। पकड़े गए शावकों को फिलहाल सुरक्षित निगरानी में रखा गया है और उनके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। मादा भालू के पकड़े जाने तक क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और भालू दिखने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है।

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